Saturday, October 17, 2026

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मांडू में सूखे का...

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उत्तराखंड के ऐतिहासिक आदि...

उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में स्थित ऐतिहासिक आदि बद्री मां भगवती शक्तिपीठ (बदियाकोट) में भीषण आग लगने से सदियों पुराना मुख्य मंदिर और उसकी अद्भुत काष्ठकला जलकर खाक हो गई है। पूरी खबर पढ़ें।
Homeमध्य प्रदेशजन्माष्टमी पर किसानों ने डांडिया नृत्य से दिया संस्कृति संरक्षण का संदेश

जन्माष्टमी पर किसानों ने डांडिया नृत्य से दिया संस्कृति संरक्षण का संदेश

जन्माष्टमी पर किसानों ने डांडिया नृत्य से दिया संस्कृति संरक्षण का संदेश

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सम्मान में चंदेरी गांव में अनोखा सांस्कृतिक आयोजन, किसान व समाजसेवी एमएस मेवाड़ा के नेतृत्व में गूंजे श्रीकृष्ण के जयकारे

सीहोर। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर सीहोर जिले के ग्राम चंदेरी में किसानों ने पारंपरिक डांडिया नृत्य एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन कर ग्रामीण संस्कृति और पुरानी परंपराओं को जीवंत रखने का अनोखा संदेश दिया। किसान एवं समाजसेवी एमएस मेवाड़ा के नेतृत्व में चंदेरी सहित सीहोर जिले के दर्जनों गांवों से पहुंचे किसानों ने उत्साहपूर्वक डांडिया नृत्य किया और भगवान श्रीकृष्ण के भजनों एवं जयकारों से वातावरण भक्तिमय कर दिया।

इस अवसर पर किसानों ने भगवान श्रीकृष्ण का स्मरण करते हुए उनके प्रति श्रद्धा और सम्मान व्यक्त किया। साथ ही मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति भी सम्मान प्रकट किया गया। किसानों ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का ग्वाल समाज और यादव समाज से ऐतिहासिक एवं धार्मिक जुड़ाव रहा है। श्रीकृष्ण के जीवन में गायों और गोपाल संस्कृति का विशेष महत्व रहा है तथा इसी गौरवशाली परंपरा को आज भी ग्रामीण समाज अपनी संस्कृति और आयोजनों के माध्यम से आगे बढ़ा रहा है।

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किसानों का कहना है कि डांडिया नृत्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि हमारी ग्रामीण संस्कृति, आपसी भाईचारे और सामाजिक एकता की पहचान है। चंदेरी गांव में लंबे समय से धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक अवसरों पर इस प्रकार के आयोजन किए जाते रहे हैं। त्योहार हो, धार्मिक कार्यक्रम हो, सामाजिक आयोजन हो या अन्य सार्वजनिक अवसर—ग्रामीण किसान अपनी पारंपरिक संस्कृति को उत्साह के साथ जीवित रखने का प्रयास करते आ रहे हैं।

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