Saturday, October 17, 2026

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इंदौर के नामचीन गरबा...

इंदौर के माता कनकेश्वरी गरबा पंडाल में बीजेपी नेता कमल चौहान द्वारा 15 वर्षीय किशोरी और उसके परिवार के साथ बदसलूकी और धक्का-मुक्की का वीडियो वायरल. कांग्रेस ने आरोपी नेता की बर्खास्तगी और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की. पढ़ें पूरी खबर.

बांग्लादेश में बड़ा विवाद:...

बांग्लादेश की जगन्नाथ यूनिवर्सिटी में दुर्गा पूजा के महाषष्ठी के दिन केंद्रीय मंदिर के पास गोमांस पकाने और कैंपस में गोकशी के ऐलान से सांप्रदायिक तनाव बढ़ गया है। पहले रोक लगाने के बाद प्रशासन ने छात्रों के दबाव में यू-टर्न लिया। पूरी खबर पढ़ें।

मांडू में सूखे का...

धार जिला सूखाग्रस्त घोषित होने के बाद ऐतिहासिक नगरी मांडू में जल संकट गहराया। नगर परिषद ने मुनादी कराकर तालाबों के पानी को कृषि व निर्माण कार्यों में इस्तेमाल करने पर रोक लगाई।

उत्तराखंड के ऐतिहासिक आदि...

उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में स्थित ऐतिहासिक आदि बद्री मां भगवती शक्तिपीठ (बदियाकोट) में भीषण आग लगने से सदियों पुराना मुख्य मंदिर और उसकी अद्भुत काष्ठकला जलकर खाक हो गई है। पूरी खबर पढ़ें।
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स्कूलों के पास जंक फूड पर कसेगा शिकंजा: FSSAI ने तैयार किया 50 मीटर का नया ड्राफ्ट, सुप्रीम कोर्ट लेगा अंतिम फैसला

स्कूलों के पास जंक फूड पर कसेगा शिकंजा: FSSAI ने तैयार किया 50 मीटर का नया ड्राफ्ट, सुप्रीम कोर्ट लेगा अंतिम फैसला

नई दिल्ली: देश में स्कूली बच्चों की सेहत सुधारने और उन्हें अस्वास्थ्यकर खान-पान से दूर रखने के लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने एक बड़ा कदम उठाया है। खाद्य नियामक ने स्कूलों के भीतर और उनके 50 मीटर के दायरे में चिप्स, कोल्ड ड्रिंक्स और अन्य जंक फूड (हाई फैट, शुगर और साल्ट वाले प्रोडक्ट्स) की बिक्री पर कड़े प्रतिबंध लगाने के लिए एक नया रेगुलेशन ड्राफ्ट तैयार किया है।

ताज़ा जानकारी के अनुसार, FSSAI के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) रजित पुन्हानी ने दिल्ली में आयोजित ‘इलनेस टू वेलनेस’ कॉन्फ्रेंस के दौरान इस नए नीतिगत बदलाव का खुलासा किया है।

सुप्रीम कोर्ट के पाले में गेंद

FSSAI के सीईओ ने स्पष्ट किया कि बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए इस ड्राफ्ट फ्रेमवर्क को अंतिम मंजूरी और निर्णय के लिए माननीय सुप्रीम कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। अदालत की हरी झंडी मिलते ही इसे देश भर में केंद्रीय स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू कर दिया जाएगा। इस कदम का मुख्य उद्देश्य कम उम्र में बच्चों को मोटापा, डायबिटीज और लाइफस्टाइल से जुड़ी अन्य बीमारियों से सुरक्षित रखना है।

प्रस्तावित नियम की बड़ी बातें:

  • 50 मीटर की लक्ष्मण रेखा: स्कूल परिसर के गेट या बाउंड्री से 50 मीटर की दूरी तक कोई भी दुकानदार, रेहड़ी-पटरी वाला या वेंडर चिप्स, पैकेज्ड स्नेक्स, आइसक्रीम और सॉफ्ट ड्रिंक्स जैसे प्रोडक्ट नहीं बेच सकेगा।
  • विज्ञापन और ब्रांडिंग पर रोक: कंपनियां स्कूलों के आसपास या कैंपस के भीतर अपने जंक फूड प्रोडक्ट्स का प्रचार, होर्डिंग्स, पोस्टर या फ्री सैंपलिंग नहीं कर सकेंगी।
  • कैंटीन के लिए लाइसेंस जरूरी: स्कूलों के अंदर चलने वाली कैंटीन, मेस या मिड-डे मील रसोई के लिए FSSAI का वैध रजिस्ट्रेशन या लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। इसके तहत केवल पौष्टिक और स्वच्छ भोजन ही परोसा जा सकेगा।

‘ईट राइट स्कूल’ मुहिम को मिलेगा बल

नियामक इस कानूनी पाबंदी को अपने राष्ट्रव्यापी जागरूकता अभियान ‘Eat Right School’ के साथ जोड़कर आगे बढ़ा रहा है। FSSAI का मानना है कि केवल नियमों से नहीं, बल्कि बच्चों के व्यवहार और सोच में बदलाव लाकर ही उन्हें घर के बने संतुलित आहार की तरफ आकर्षित किया जा सकता है। कुछ राज्यों ने पहले ही स्थानीय स्तर पर ऐसे कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं, जिसके बाद अब इसे पूरे देश में एक समान रूप से लागू करने की तैयारी है।


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