हैदराबाद में लगेगा भारत का सबसे बड़ा AI डेटा सेंटर; टाटा ग्रुप (TCS) करेगा ₹70,000 करोड़ का मेगा निवेश
हैदराबाद, 5 सितंबर 2026
तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद आईटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचने जा रही है। मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के नेतृत्व वाली तेलंगाना सरकार और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) की सहायक कंपनी HyperVault के बीच आज एक ऐतिहासिक समझौता (MoU) हुआ है। इस समझौते के तहत हैदराबाद की ‘फ्यूचर सिटी’ में भारत का सबसे बड़ा AI डेटा सेंटर कैंपस (AI Data Centre Campus) स्थापित किया जाएगा, जिसमें कुल ₹70,000 करोड़ का भारी-भरकम निवेश होगा।
1 गीगावाट (1000 MW) क्षमता का पावरहाउस
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्लाउड कंप्यूटिंग को प्रोसेस करने के लिए भारी मात्रा में बिजली की आवश्यकता होती है। इस मेगा प्रोजेक्ट को 1 गीगावाट (1,000 मेगावाट) की विशाल बिजली क्षमता के साथ डिजाइन किया जा रहा है। पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए यह पूरा डेटा सेंटर कैंपस सौर (Solar) और पवन (Wind) जैसे ग्रीन एनर्जी सोर्सेज पर काम करेगा और पूरी तरह से वॉटर-न्यूट्रल (Water-Neutral) होगा। 250 एकड़ में फैलेगी ‘फ्यूचर सिटी’ की शान
250 एकड़ में फैलेगी ‘फ्यूचर सिटी’ की शान
यह प्रोजेक्ट हैदराबाद के बाहरी इलाके में तेजी से विकसित हो रही ‘Future City’ में 250 एकड़ से अधिक की जमीन पर बनाया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस डेटा सेंटर के आने से हैदराबाद वैश्विक स्तर पर AI और टेक हब के रूप में अमेरिका की सिलिकॉन वैली को टक्कर देने के लिए तैयार हो जाएगा।
7,000 नए रोजगार और जून 2028 की डेडलाइन
- रोजगार के अवसर: तेलंगाना सरकार के आधिकारिक बयान के अनुसार, इस प्रोजेक्ट के शुरू होने से राज्य में 7,000 से अधिक डायरेक्ट और इनडायरेक्ट उच्च-तकनीकी नौकरियां (Jobs) पैदा होंगी।
- 21 महीनों का टारगेट: मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने टाटा ग्रुप से आग्रह किया है कि वे निर्माण कार्य की रफ्तार तेज रखें। सरकार ने इस प्रोजेक्ट के उद्घाटन के लिए 2 जून 2028 (तेलंगाना स्थापना दिवस) की समय सीमा (Deadline) तय की है।
इस निवेश के बाद तेलंगाना देश में तकनीकी क्रांति का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरने के लिए तैयार है। टाटा और सरकार की यह जुगलबंदी आने वाले समय में राज्य की अर्थव्यवस्था की तस्वीर बदल देगी।


