Thursday, September 10, 2026

TOP NEWS

चोरों से ‘फोन’ पर...

गुवाहाटी/गोलाघाट: असम पुलिस विभाग ने भ्रष्टाचार और कानून व्यवस्था को लेकर आज (10...

महाराणा प्रताप प्रखण्ड में...

महाराणा प्रताप प्रखण्ड में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया विश्व हिंदू परिषद का...

भारत रत्न पं. गोविंद...

भारत रत्न पं. गोविंद बल्लभ पंत की 139वीं जयंती पर पुलिस लाइन में...

सन्त नागर जी को...

सन्त नागर जी को जान से मारने की धमकीसनातनी गो भक्तो ने ज्ञापन...
Homeदेशअमेरिकी रिपोर्ट का बड़ा दावा: भारत के पास पहुंचे 190 परमाणु बम,...

अमेरिकी रिपोर्ट का बड़ा दावा: भारत के पास पहुंचे 190 परमाणु बम, चीन-पाकिस्तान को मात देने के लिए समंदर में उतारा ‘न्यूक्लियर कवच’

अमेरिकी रिपोर्ट का बड़ा दावा: भारत के पास पहुंचे 190 परमाणु बम, चीन-पाकिस्तान को मात देने के लिए समंदर में उतारा ‘न्यूक्लियर कवच’

नई दिल्ली: वैश्विक स्तर पर अपनी सैन्य और रणनीतिक ताकत बढ़ाने में जुटे भारत को लेकर एक बड़ी खबर आई है. अमेरिकी थिंक टैंक फेडरेशन ऑफ अमेरिकन साइंटिस्ट्स (FAS) ने अपनी ताजा रिपोर्ट ‘इंडियाज न्यूक्लियर वेपन्स-2026’ में बड़ा दावा किया है कि भारत के परमाणु हथियारों (Nuclear Warheads) का जखीरा अब बढ़कर 190 तक पहुंच चुका है.

यह रिपोर्ट ओपन सोर्स इंटेलिजेंस, सैटेलाइट तस्वीरों और आधिकारिक सैन्य डेटा के गहन विश्लेषण के बाद जारी की गई है. रिपोर्ट के अनुसार, भारत न सिर्फ अपने परमाणु हथियारों को आधुनिक बना रहा है, बल्कि चीन और पाकिस्तान जैसी दोहरी चुनौतियों को देखते हुए जमीन, हवा और समंदर तीनों मोर्चों से मार करने की अपनी ‘न्यूक्लियर ट्रायड’ क्षमता को भी अभूतपूर्व ढंग से मजबूत कर रहा है.

अमेरिकी रिपोर्ट (FAS) के 5 सबसे बड़े खुलासे:

  • 190 परमाणु बमों की ताकत: अमेरिकी थिंक टैंक के डायरेक्टर हांस क्रिस्टेंस के मुताबिक भारत के पास अब लगभग 190 परमाणु वॉरहेड हैं. इनमें से 160 से अधिक वॉरहेड सीधे तौर पर ऑपरेशनल लॉन्चर और मिसाइलों के लिए तैयार रखे गए हैं, जबकि लगभग 30 वॉरहेड नए बन रहे मिसाइल सिस्टम्स के लिए रिजर्व हैं.
  • तेजी से बढ़ रही है क्षमता: इंटरनेशनल पैनल ऑन फिसाइल मैटेरियल्स के अनुमानों के मुताबिक भारत के पास करीब 730 किलोग्राम हथियार-ग्रेड प्लूटोनियम का स्टॉक मौजूद है. इस मात्रा के आधार पर भारत सैद्धांतिक रूप से आने वाले समय में अपने परमाणु हथियारों की संख्या को 140 से बढ़ाकर 225 तक भी पहुंचा सकता.
  • समंदर में ‘न्यूक्लियर कवच’ की तैनाती: अंतरराष्ट्रीय रक्षा थिंक टैंक स्टॉकहोम इंटरनेशनल  रिपोर्ट (SIPRI) और FAS दोनों के आकलन बताते हैं कि भारत ने पहली बार शांति काल के दौरान अपनी दो परमाणु पनडुब्बियों (INS अरिहंत और INS अरिघात) पर परमाणु हथियारों को ऑपरेशनल मोड में तैनात करना शुरू कर दिया है. यह समंदर के भीतर भारत का ऐसा अभेद्य न्यूक्लियर कवच है, जो दुश्मन के पहले हमले के बाद भी जवाबी कार्रवाई सुनिश्चित करता है.
  • परमाणु रेस में पाकिस्तान पीछे छूटा: इस नए आकलन के सामने आने के बाद भारत परमाणु हथियारों के मामले में अपने पड़ोसी देश पाकिस्तान (जिसके पास अनुमानित 170 वॉरहेड हैं) से आगे निकल गया है. हालांकि, चीन (620 वॉरहेड) संख्या के मामले में अभी भी इस क्षेत्र में काफी आगे बना हुआ है.
  • चीन की गहराई तक मार: रिपोर्ट में यह साफ तौर पर रेखांकित किया गया है कि भारत का न्यूक्लियर आधुनिकीकरण कार्यक्रम अब केवल पाकिस्तान केंद्रित नहीं है. अग्नि-V जैसी लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों के आने के बाद भारत का मुख्य फोकस अब चीन के दूरदराज के ठिकानों तक अचूक मारक क्षमता बनाए रखना है.

‘नो फर्स्ट यूज’ की नीति पर दृढ़ है भारत

अमेरिकी रिपोर्ट में यह विशेष रूप से साफ किया गया है कि परमाणु बेड़े का विस्तार करने के बावजूद भारत अपनी ‘नो फर्स्ट यूज’ (No First Use) यानी ‘पहले परमाणु हमला न करने’ की नीति पर पूरी तरह कायम है. भारत की नीति केवल न्यूनतम विश्वसनीय प्रतिरोध (Credible Minimum Deterrence) की है, जिसका अर्थ है कि भारत इन हथियारों का इस्तेमाल केवल तभी करेगा जब उस पर कोई दूसरा देश परमाणु हमला करने की हिमाकत करेगा.

NTV TIME की रिपोर्ट: दुनिया की सबसे खतरनाक महाशक्तियों के बीच भारत का यह नया परमाणु संतुलन और समंदर में तैनात होता परमाणु कवच यह साफ बयां करता है कि देश अपनी अखंडता और सीमाओं की सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है.

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular