बिना एक्सरसाइज किए भी घट जाएगा वजन! मेडिकल साइंस का नया दावा— जिम नहीं, अब ‘HIIPA’ से फिट रहेगा इंडिया
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली।
क्या आप भी उन लोगों में से हैं जो हर सोमवार को ‘जिम जाने’ का संकल्प लेते हैं, लेकिन ऑफिस की मीटिंग्स और घर की जिम्मेदारियों के चक्कर में वह सोमवार कभी नहीं आता? अगर हां, तो अब आपको गिल्ट (पछतावा) महसूस करने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। डॉक्टरों और हेल्थ एक्सपर्ट्स ने फिटनेस का एक ऐसा तोड़ निकाल लिया है, जिसमें आपको बिना वर्कआउट किए भी कड़क फिटनेस और टोंड बॉडी मिल सकती है। दुनिया भर में इस समय इस नए ट्रेंड की धूम है, जिसे मेडिकल की भाषा में ‘HIIPA’ (हाई-इंटेनसिटी इंसिडेंटल फिजिकल एक्टिविटी) कहा जा रहा है।
क्या है HIIPA और यह पारंपरिक जिम से अलग क्यों है?
आसान शब्दों में कहें तो, इसके लिए आपको न तो किसी जिम की मेंबरशिप लेनी है, न सुबह 5 बजे का अलार्म लगाना है और न ही महंगे प्रोटीन पाउडर खरीदने हैं। HIIPA का मतलब है— दिनभर के रूटीन कामों को ही इतनी रफ्तार और ताकत से करना कि आपकी सांस फूलने लगे और दिल की धड़कन तेज हो जाए।
हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अगर आप पूरे दिन में सिर्फ 2 से 3 बार भी अपनी रूटीन एक्टिविटी की स्पीड बढ़ा देते हैं, तो वह आपके शरीर पर वैसा ही असर करती है जैसा जिम में की जाने वाली भारी एक्सरसाइज।
इन 4 तरीकों से अपनी रोजमर्रा की जिंदगी को ही बना लें ‘जिम’
इस फिटनेस फॉर्मूले को अपनाने के लिए आपको अपनी जेब से एक रुपया भी खर्च नहीं करना है, बस अपने काम करने के तरीके को थोड़ा सा बदलना है:
- पावर-वॉक (Power Walking): जब आप मेट्रो स्टेशन, ऑफिस या बाजार की तरफ पैदल जा रहे हों, तो सामान्य चलने के बजाय इतनी तेज चलें जैसे आपकी ट्रेन छूट रही हो।
- सुपरफास्ट क्लीनिंग: घर की सफाई, पोछा लगाना या गाड़ी धोने जैसे कामों को सुस्ती से करने के बजाय एक ‘चैलेंज’ की तरह लें और उसे दोगुनी स्पीड से पूरा करें।
- लिफ्ट को कहें ‘बाय-बाय’: तीसरी या चौथी मंजिल पर जाने के लिए लिफ्ट का इंतजार करने के बजाय सीढ़ियों को तेजी से (हल्का दौड़ते हुए) चढ़ें।
- रिमोट और फोन कॉल्स का सही इस्तेमाल: फोन पर बात करते समय एक जगह बैठने के बजाय कमरे में तेजी से चक्कर काटें। टीवी का रिमोट सोफे पर खुद उठकर बदलने जाएं।
साइंस क्या कहता है? क्यों मिल रहे हैं जादुई नतीजे
सिडनी यूनिवर्सिटी में हुई एक ताजा मेडिकल रिसर्च के अनुसार, जो लोग दिनभर में सिर्फ 3 से 4 बार, एक-एक मिनट के लिए भी ऐसी तेज शारीरिक गतिविधि (Short Bursts of Activity) करते हैं, उनमें दिल की बीमारियों से होने वाली मौतों के खतरे में करीब 40% तक की कमी देखी गई है।
जब आप अचानक किसी काम को तेजी से करते हैं, तो फेफड़ों को अचानक ज्यादा ऑक्सीजन की जरूरत पड़ती है। इससे आपका मेटाबॉलिज्म बूस्ट होता है, कैलोरी तेजी से बर्न होती है और ब्लड शुगर का लेवल भी कंट्रोल में रहता है।


