Tuesday, September 22, 2026

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देश को दिमागी नक्सलियों से बचाना होगा’, महिला आरक्षण पर राजनीति न करने की पीएम मोदी की अपील

नई दिल्ली | डिजिटल डेस्क:


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के मौजूदा हालात और राजनीतिक परिदृश्य पर बड़ा बयान दिया है। एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि देश को आगे ले जाने के लिए अब ‘वैचारिक और दिमागी नक्सलियों’ से सतर्क रहने और समाज को उनसे बचाने की सख्त आवश्यकता है। इसके साथ ही उन्होंने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ (33% महिला आरक्षण) को लेकर सभी राजनीतिक दलों से दलीय राजनीति से ऊपर उठने का आह्वान किया।


‘समाज को भटका रहे दिमागी नक्सली’


प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि कुछ नकारात्मक तत्व समाज में भ्रम और नफरत फैलाकर लोगों को मुख्यधारा से भटकाने का प्रयास कर रहे हैं।


“यह दिमागी नक्सलवाद देश की एकता, शांति और विकास की रफ्तार में रोड़ा अटकाता है। ऐसे तत्वों की पहचान करना और समाज को उनके बहकावे में आने से बचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।” — पीएम मोदी
33% महिला आरक्षण पर राजनीति न करने की अपील
संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं की 33% भागीदारी को लेकर पीएम मोदी ने सभी विपक्षी और सहयोगी दलों से एकजुट होने की बात कही।


राजनीति से ऊपर उठे देश: महिला आरक्षण का मुद्दा किसी एक पार्टी का नहीं, बल्कि पूरे देश की माताओं और बहनों के सम्मान और अधिकार से जुड़ा है।
सशक्त नेतृत्व: जब नीति-निर्माण के सर्वोच्च मंचों पर महिलाओं की 33% मौजूदगी होगी, तो देश के फैसले और अधिक समावेशी और प्रभावी होंगे।
सर्वसम्मति की आवश्यकता: सभी दलों को किसी भी तरह की दलीय राजनीति को छोड़कर इस ऐतिहासिक बदलाव को जमीन पर उतारने में सहयोग देना चाहिए।
क्यों खास है ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’?
ऐतिहासिक निर्णय: इसके तहत लोकसभा और देश की सभी विधानसभाओं में 33% सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की जाएंगी।
नीति निर्माण में भागीदारी: स्थानीय निकायों के बाद अब राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर महिला नेतृत्व को सीधी मजबूती मिलेगी।

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