Tuesday, September 22, 2026

TOP NEWS

IRCTC UPI New Rules:...

IRCTC UPI New Rules: 15 अक्टूबर से ₹2000 से महंगे रेलवे टिकट पर लागू होगा नया UPI MDR नियम। जानिए क्या यात्रियों को देना होगा ₹5 का एक्स्ट्रा चार्ज या मिलेगी बड़ी राहत।

RBI FD New Rules:...

RBI New FD Rules: भारतीय रिजर्व बैंक 1 अक्टूबर से फिक्स्ड डिपॉजिट के नियमों में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। जानिए ₹3 करोड़ की नई लिमिट और ब्याज दरों के इस नए नियम का आप पर क्या असर होगा।

72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स:...

72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स: कार्तिक आर्यन और यामी गौतम बने बेस्ट एक्टर-एक्ट्रेस. केजीएफ स्टार अनंत नाग को मिला दादा साहब फाल्के पुरस्कार. पढ़ें पूरी लिस्ट

तेलीवाला के जंगल में...

तेलीवाला के जंगल में गोकशी का भंडाफोड़, 280 किलो मांस बरामद, एक गिरफ्तारअर्जुन...
HomeदेशCyclone Arnab: बंगाल की खाड़ी में बना गहरा दबाव, जानें क्या है...

Cyclone Arnab: बंगाल की खाड़ी में बना गहरा दबाव, जानें क्या है ‘चक्रवात अर्नब’ और क्यों जारी हुआ है Alert?

New Delhi: देश से मानसून की विदाई के बीच मौसम के मिजाज में अचानक एक बड़ा और गंभीर बदलाव देखने को मिल रहा है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के अनुसार, बंगाल की खाड़ी (Bay of Bengal) के ऊपर बना एक डिप्रेशन अब तेजी से मजबूत होकर ‘डीप डिप्रेशन’ (गहरे दबाव के क्षेत्र) में बदल चुका है.

यह पूरा वेदर सिस्टम इस समय पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है और इसके चक्रवाती तूफान (Cyclonic Storm) में तब्दील होने की पूरी आशंका बनी हुई है. अगर यह सिस्टम और अधिक गंभीर होकर चक्रवात का रूप लेता है, तो इसे ‘चक्रवात अर्नब’ (Cyclone Arnab) नाम दिया जाएगा.

क्या है ‘अर्नब’ नाम का मतलब और किसने दिया?

चक्रवातों के नामकरण की अंतरराष्ट्रीय प्रणाली के तहत उत्तरी हिंद महासागर में उठने वाले इस तूफान को ‘अर्नब’ नाम बांग्लादेश द्वारा दिया गया है. बंगाली भाषा में ‘अर्नब’ (Arnab) का अर्थ होता है “समुद्र या महासागर”.

कैसे बनता है ऐसा चक्रवाती तूफान?

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मानसून के अंत में समुद्र की सतह का तापमान (Sea Surface Temperature) बढ़ने और हवाओं के रुख में अस्थिरता आने के कारण समुद्र के ऊपर एक लो-प्रेशर एरिया (कम दबाव का क्षेत्र) बनता है.

  1. जब समुद्र का पानी गर्म होता है, तो वहां की हवा गर्म होकर तेजी से ऊपर उठती है और नीचे एक बड़ा वैक्यूम (खाली जगह) बन जाता है.
  2. इस खाली जगह को भरने के लिए चारों तरफ से ठंडी हवाएं तेजी से चक्कर काटते हुए केंद्र की तरफ दौड़ती हैं.
  3. पृथ्वी की अपनी धुरी पर घूमने की गति (Coriolis Effect) के कारण ये हवाएं सीधी न जाकर गोल-गोल घूमने लगती हैं और एक विशाल बवंडर का रूप ले लेती हैं, जिसे चक्रवात कहा जाता है.

लैंडफॉल और संभावित असर (Track & Impact)

आईएमडी के अनुसार, यह सिस्टम 23 सितंबर की रात से 24 सितंबर 2026 की सुबह के बीच उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के तटों (विशाखापट्टनम और गोपालपुर के बीच) से टकरा सकता है (जिसे लैंडफॉल कहा जाता है).

  • तेज हवाएं: तटीय इलाकों के पास टकराते समय हवा की गति 55 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे से लेकर 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है.
  • इन राज्यों में भारी बारिश: इस सिस्टम के प्रभाव से ओडिशा, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों में ‘रेड और ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है. तट पार करने के बाद यह सिस्टम अंदरूनी इलाकों की तरफ बढ़ेगा, जिससे छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में मानसून की विदाई से पहले भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है.
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments