Sunday, September 13, 2026

TOP NEWS

CRIME X ‘द ब्लैक...

'द ब्लैक डाहलिया'—हॉलीवुड का वो खौफनाक हत्याकांड, जिसका कातिल 80 साल से पुलिस...

गंज बासौदा में आस्था...

गंज बासौदा में आस्था का महासैलाब: बाबा राजगौंड दरबार में गूंजे 'जय श्री...

जन शिक्षण संस्थान चंडीगढ़...

जन शिक्षण संस्थान चंडीगढ़ में प्रदर्शनी का आयोजन, प्रतिभागियों के कार्यों की सराहनामनोज...

विघ्नहर्ता का आगमन: इस...

भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाने वाला महापर्व...
Homeउत्तर प्रदेशसहारनपुर में नकली सिक्कों का भंडाफोड़: 20 रुपये के सिक्के बनाने वाली...

सहारनपुर में नकली सिक्कों का भंडाफोड़: 20 रुपये के सिक्के बनाने वाली फैक्ट्री पकड़ी, 70 करोड़ बाजार में खपाने का दावा!

सहारनपुर। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में पुलिस ने जाली मुद्रा यानी नकली पैसों के एक बहुत बड़े नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है। नगर कोतवाली पुलिस, स्वाट और एसओजी की संयुक्त टीम ने मिलकर 20-20 रुपये के नकली सिक्के बनाने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में गिरोह के मुख्य सरगना समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों के पास से 20 रुपये के 6,400 तैयार नकली सिक्के बरामद किए हैं, जिनकी कुल कीमत 1 लाख 28 हजार रुपये है। इसके साथ ही मौके से सिक्के बनाने वाली 6 मशीनें, लोहे की 5 डाई और बिना मुहर लगी 39 कच्ची डाई समेत भारी मात्रा में उपकरण जब्त किए गए हैं।

बाजार में चला चुके हैं 70 करोड़ से ज्यादा के सिक्के

सहारनपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अभिनंदन ने पुलिस लाइन में इस पूरे मामले की जानकारी दी। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने एक बेहद चौंकाने वाला दावा किया है। आरोपियों के मुताबिक, उनका यह गिरोह अब तक देश के अलग-अलग राज्यों के बाजारों में 70 करोड़ रुपये से भी ज़्यादा के नकली सिक्के खपा चुका है। हालांकि, पुलिस प्रशासन का कहना है कि इस दावे की गहराई से जांच की जा रही है और वास्तविक आंकड़ा जांच पूरी होने के बाद ही साफ हो पाएगा।

यह गिरोह पंजाब से अपना नेटवर्क बढ़ा रहा था और अब सहारनपुर को अपना नया केंद्र बनाकर यहाँ नकली सिक्के ढालने का एक बड़ा कारखाना शुरू करने की फिराक में था। लेकिन इनकी योजना कामयाब होने से पहले ही पुलिस ने इन्हें धर दबोचा।

शराब के ठेकों और टोल प्लाजा पर होती थी सप्लाई

पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह एक दिन में करीब 10 से 12 हजार नकली सिक्के तैयार कर लेता था। इन सिक्कों को बाजार में चलाने के लिए आरोपियों ने बहुत ही शातिर तरीका अपनाया था। गैंग के सदस्य इन नकली सिक्कों को ज्यादातर सरकारी शराब के ठेकों, हाईवे के टोल टैक्स नाकों, पेट्रोल पंपों और छोटी दुकानों पर चलाते थे। इन जगहों पर भीड़भाड़ और जल्दबाजी के कारण लोग सिक्कों को बिना जांचे आसानी से ले लेते थे।

सुनार का काम करने वाला निकला मुख्य सरगना

पकड़े गए गिरोह का मुख्य सरगना उपकार लूथरा उर्फ अभय प्रताप सिंह है, जो मूल रूप से मोहाली (पंजाब) का रहने वाला है। पुलिस के अनुसार, उपकार लूथरा साल 2001 से ही नकली सिक्के बनाने के इस अवैध काले धंधे में शामिल है। वह पहले सुनार यानी सर्राफा का काम करता था, जिसकी वजह से उसे धातुओं को पिघलाने और सांचे में ढालने का पूरा अनुभव था। यह गैंग पहले भी दिल्ली की तिहाड़ जेल जा चुका है। जेल से छूटने के बाद आरोपियों ने अपना नेटवर्क पंजाब, दिल्ली, हरियाणा, बिहार और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में दोबारा फैला लिया था।

पुलिस ने क्या-क्या सामान बरामद किया?

  • नकली सिक्के: 20 रुपये के 6,400 तैयार सिक्के (कुल कीमत ₹1,28,000)
  • अधबने सिक्के: करीब 5 लाख रुपये की कीमत के बिना तैयार सिक्के
  • मशीनें: सिक्के ढालने वाली 6 बड़ी मशीनें और सांचे
  • डाई (सांचे): लोहे की 5 मुख्य डाई, बिना मुहर की 39 डाई और मुहर लगी 20 डाई
  • वाहन: दो कारें (इको स्पोर्ट और स्विफ्ट डिजायर)
  • अन्य सामान: 8 मोबाइल फोन, हिसाब-किताब के 7 रजिस्टर और 10,000 रुपये के असली नोट

गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम:

  1. उपकार लूथरा उर्फ अभय प्रताप सिंह (निवासी: जिरकपुर, मोहाली, पंजाब)
  2. हिमांशु उर्फ गुल्लू (निवासी: बरसी, सहारनपुर)
  3. कुलदीप (निवासी: आवास विकास, सहारनपुर)
  4. संतोष चौरसिया उर्फ जनार्दन (निवासी: मधुबनी, बिहार)
  5. अनुराग पाल उर्फ लंकेश (निवासी: संत रविदासनगर)

पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ नगर कोतवाली में गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है। इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।


RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments