पन्ना की रत्नगर्भा धरती ने फिर उगला ‘कोहिनूर’, NMDC की खदान में मिला 27.29 कैरेट का हीरा, कीमत ₹2.5 करोड़ तक!
Panna Diamond Mine Updates: मध्य प्रदेश का पन्ना जिला एक बार फिर देश-दुनिया की सुर्खियों में है। पन्ना की रत्नगर्भा धरती ने एक बार फिर ऐसा हीरा उगला है, जिसे विशेषज्ञ ‘कोहिनूर’ की तरह नायाब बता रहे हैं। नेशनल मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (NMDC) की मझगवां हीरा खदान से 27.29 कैरेट का दुर्लभ हीरा मिला है। बाजार में इसकी अनुमानित कीमत 2 करोड़ से 2.5 करोड़ रुपये के बीच आंकी जा रही है।
हीरे की विशेषता: 27.29 कैरेट का ‘जेम क्वालिटी’ हीरा
खदान से निकला यह हीरा साधारण नहीं है, बल्कि यह 27.29 कैरेट का ‘जेम क्वालिटी’ (Gem Quality) यानी उच्च गुणवत्ता वाला प्राकृतिक हीरा है। माइनिंग एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इसकी शुद्धता, आंतरिक स्पष्टता (Clarity) और अनोखा ‘एस-शेप’ (S-Shape) इसे दुनिया के सबसे बेहतरीन हीरों की श्रेणी में खड़ा करता है। यही वजह है कि इसे पन्ना का ‘कोहिनूर’ कहा जा रहा है।
मिलने का स्थान: NMDC की मझगवां मशीनीकृत खदान
यह बेशकीमती रत्न मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में स्थित नेशनल मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (NMDC) की मझगवां खदान से बरामद किया गया है। पन्ना की यह साइट पूरे दक्षिण एशिया की एकमात्र ऐसी हीरा खदान है, जहां पूरी तरह से आधुनिक मशीनों (Fully Mechanised Project) के जरिए माइनिंग की जाती है। 15 सितंबर को प्रोसेसिंग के दौरान यह हीरा सुरक्षा टीम की निगरानी में निकाला गया।
अनुमानित कीमत: ₹2 करोड़ से ₹2.5 करोड़ तक का जैकपॉट
बाजार के जानकारों और हीरा पारखियों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस आकार और शुद्धता के हीरे की अनुमानित कीमत 2 करोड़ से लेकर 2.5 करोड़ रुपये तक जा सकती है। हालांकि, सरकारी नियमों के तहत इसकी शुरुआती बेस प्राइज लगभग 1 करोड़ रुपये तय की जाएगी, लेकिन आगामी सरकारी नीलामी (Auction) में देश-विदेश के बड़े जौहरियों के बीच इसकी अंतिम बोली ढाई करोड़ का आंकड़ा भी पार कर सकती है।
ऐतिहासिक रिकॉर्ड: NMDC प्रोजेक्ट की दूसरी सबसे बड़ी खोज
NMDC के पन्ना प्रोजेक्ट के इतिहास में यह अब तक की दूसरी सबसे बड़ी कामयाबी है। इससे पहले साल 2010 में इस खदान ने अपना सर्वकालिक रिकॉर्ड बनाया था, जब वहां से 34.37 कैरेट का सबसे विशाल हीरा मिला था। अब ठीक 16 साल के लंबे इंतजार के बाद दोबारा इतना बड़ा और कीमती हीरा मिलना माइनिंग टीम और प्रदेश दोनों के लिए एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड है।
16 साल बाद मिली इतनी बड़ी कामयाबी
NMDC अधिकारियों के मुताबिक, पन्ना प्रोजेक्ट के इतिहास में यह अब तक का दूसरा सबसे बड़ा हीरा है। इससे पहले साल 2010 में इस खदान से 34.37 कैरेट का सबसे बड़ा हीरा मिला था, जिसकी नीलामी करोड़ो रुपये में हुई थी। अब ठीक 16 साल बाद दोबारा इतना बड़ा और बेशकीमती हीरा मिलना माइनिंग टीम के लिए एक ऐतिहासिक सफलता है।
महज 2 महीने में दूसरी बड़ी लॉटरी
पन्ना की इस माइनिंग साइट पर बीते कुछ महीने बेहद लकी साबित हुए हैं। इसी साल जुलाई 2026 में भी NMDC को इसी खदान से 13.16 कैरेट का एक और बेहतरीन हीरा मिला था। इसके महज दो महीने के भीतर, अब दोगुने से भी बड़े आकार का 27.29 कैरेट का हीरा मिलना कंपनी के लिए किसी जैकपॉट से कम नहीं है।
अनोखा शेप और चमक बढ़ाएगी कीमत
खदान प्रबंधन के अनुसार, इस हीरे की शुरुआती सरकारी बेस प्राइज (Base Price) करीब 1 करोड़ रुपये तय की जा सकती है। हालांकि, हीरे का विशेष ‘S-Shape’ (एस-आकार), इसकी अद्भुत चमक और हाई-क्लेरिटी (स्पष्टता) को देखते हुए एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब इसे आगामी सरकारी नीलामी (Auction) में रखा जाएगा, तो देश-विदेश के जौहरी इसकी बोली ₹2.5 करोड़ या उससे भी ऊपर ले जा सकते हैं।
क्यों खास है पन्ना का यह माइनिंग प्रोजेक्ट?
मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में स्थित मझगवां परियोजना दक्षिण एशिया की एकमात्र पूरी तरह से मशीनीकृत (Fully Mechanised) हीरा खनन खदान है। कुछ समय के लिए पर्यावरण स्वीकृतियों के कारण यहां काम प्रभावित हुआ था, लेकिन दोबारा शुरू होने के बाद से यह खदान लगातार देश को बेशकीमती रत्न दे रही है।


