Thursday, October 22, 2026

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बड़ा खुलासा: फ्रांस के...

फॉक्स न्यूज की बड़ी रिपोर्ट में खुलासा: फ्रांस के दंगों और भारत के प्रदर्शनों के तार आपस में जुड़े। चीन में बैठा नेविल रॉय सिंघम दे रहा है वामपंथी सीक्रेट नेटवर्क को फंडिंग। पढ़ें पूरी खबर NTV TIME पर।

लोकतंत्र बचाओ-भीड़तंत्र हटाओ’ अभियान;...

इंदौर में बीजेपी का 15 दिवसीय 'लोकतंत्र बचाओ-भीड़तंत्र हटाओ' अभियान शुरू। कांग्रेस और राहुल गांधी के आरोपों का जवाब देने 1 नवंबर को निकलेगी विशाल पदयात्रा। कैलाश विजयवर्गीय और शहर के दिग्गज नेताओं ने बनाईं विशेष कमेटियां। जानिए पूरा शेड्यूल।

एमपी के मुरैना में...

मुरैना के बागचीनी में मामी के साथ अवैध संबंधों के चलते भांजे की बेरहमी से हत्या। तीसरी मंजिल से फेंकने के बाद गमछे से घोंटा गला, कार समेत शव को नहर में फेंका। पुलिस ने मामा और नाना को किया गिरफ्तार, तीसरे आरोपी की तलाश जारी। पूरी रिपोर्ट पढ़ें।

भारतीय सेना की बढ़ेगी...

रक्षा मंत्रालय ने भारतीय सेना की हवाई सुरक्षा को मजबूत करने के लिए BEL के साथ ₹770 करोड़ का करार किया है। ये नए रडार दुश्मन के फाइटर जेट से लेकर छोटे ड्रोनों को हवा में ही ट्रैक कर नष्ट करने में मदद करेंगे।
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धार : एमपी में 50000 रूपये रिश्वत मांग रहा था हेड कॉन्स्टेबल, लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई

  • केस से नाम हटाने के एवज में हेड कॉन्स्टेबल मांग रहा था रिश्वत, सहयोगी के साथ रिश्वत लेते लोकायुक्त ने पकड़ा..।

मध्यप्रदेश में रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई का सिलसिला लगातार जारी है। लगभग हर दूसरे दिन कहीं न कहीं लोकायुक्त रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ रही है लेकिन इसके बावजूद रिश्वतखोर बाज आते नजर नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला मध्यप्रदेश के धार जिले का है जहां एक हेड कॉन्स्टेबल और उसके सहयोगी को रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त ने रंगेहाथों पकड़ा है।

धार जिले के राजौंद पुलिस थाने के हेड कॉन्स्टेबल बनेसिंह परमार और उसके सहयोगी भारत डामर को इंदौर लोकायुक्त की टीम ने शुक्रवार को 22 हजार 500 रूपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा है। रिश्वतखोर हेड कॉन्स्टेबल बनेसिंह ने सरदापुर तहसील के झिंझापाड़ा गांव के रहने वाले नानूराम ओसारी नाम के शख्स से केस से नाम हटाने के एवज में 50 हजार रूपये की रिश्वत की मांग की थी। जिसकी शिकायत फरियादी नानूराम ने इंदौर लोकायुक्त कार्यालय में की थी।

लोकायुक्त ने शिकायत की जांच की और शिकायत सही पाए जाने पर रिश्वत की पहली किस्त 22 हजार 500 रूपये लेकर फरियादी नानूराम को रिश्वतखोर प्रधान आरक्षक बनेसिंह के पास भेजा। बनेसिंह ने खुद रिश्वत न लेते हुए अपने सहयोगी भारत डामर को रिश्वत के पैसे लेने के लिए भेजा जिसे रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त की टीम ने रंगेहाथों पकड़ लिया। लोकायुक्त ने प्रधान आरक्षक बने सिंह व उसके सहयोगी भारत डामर दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्यवाही की है।

नारायण शर्मा
नारायण शर्मा
एन टी वी टाइम न्यूज में मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ के लिए काम करता हूं।
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