नवी मुंबई:
त्योहारों के सीजन से पहले जनता की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ अन्न एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने एक बड़ी कार्रवाई की है। नवी मुंबई के प्रसिद्ध तुर्भे फ्रूट मार्केट (APMC) में केमिकल के जरिए जबरन और खतरनाक तरीके से केले पकाने वाले एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। एफडीए ने मौके से भारी मात्रा में केमिकल युक्त केले ज़ब्त किए हैं और पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
अलर्ट नागरिक के वीडियो से हुआ भंडाफोड़
यह पूरा मामला तब सामने आया जब मार्केट में मौजूद एक जागरूक नागरिक ने अपने मोबाइल से एक वीडियो रिकॉर्ड किया। वीडियो में साफ दिख रहा था कि कैसे केलों को एक बड़े ड्रम में भरे हुए प्रतिबंधित केमिकल (इथेफॉन आधारित सॉल्यूशन) में सीधे डुबोया जा रहा था ताकि वे रातों-रात पीले और पके हुए दिखने लगें। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद प्रशासन तुरंत हरकत में आया।
FDA की छापेमारी, ₹67,000 से अधिक के केले ज़ब्त
वीडियो का संज्ञान लेते हुए महाराष्ट्र FDA की टीम ने तुर्भे फ्रूट मार्केट के स्टॉल नंबर N-919 पर अचानक छापा मारा। कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने पाया कि नियमों को ताक पर रखकर केलों को घातक केमिकल के घोल में डुबोया जा रहा था।
- कुल ज़ब्ती: अधिकारियों ने मौके से 1,394 किलोग्राम केमिकल वाले केले ज़ब्त किए।
- कीमत: ज़ब्त किए गए केलों की कुल बाजार कीमत लगभग ₹67,814 आंकी गई है।
- कार्रवाई: स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक होने के कारण ज़ब्त किए गए केलों के पूरे स्टॉक को तुरंत नष्ट कर दिया गया।
मुख्य आरोपी गिरफ्तार, पुलिस में FIR दर्ज
इस मामले में केवल ज़ब्ती ही नहीं बल्कि सख्त कानूनी कार्रवाई भी की गई है। पुलिस ने फल विक्रेता और मुख्य आरोपी रवींद्रकुमार गौतम को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम (FSSAI Rules) तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स? क्यों खतरनाक है यह केमिकल?
फूड सेफ्टी एक्सपर्ट्स के मुताबिक, फलों को प्राकृतिक रूप से पकाने के बजाय इथेफॉन (Ethephon) जैसे हैवी केमिकल सॉल्यूशंस में सीधे डुबोना बेहद खतरनाक है।
- त्वचा और पेट की बीमारियाँ: ऐसे केमिकल वाले फल खाने से पेट में गंभीर इन्फेक्शन, उल्टी, दस्त और अल्सर जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
- कैंसर का खतरा: लंबे समय तक ऐसे रसायनों के संपर्क में रहने वाले फलों का सेवन करने से कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
- कमजोरी: यह नर्वस सिस्टम को भी प्रभावित कर सकता है।
त्योहारों से पहले FDA की चेतावनी
अक्टूबर का महीना शुरू होते ही देश में त्योहारों का सीजन आ जाता है, जिसमें फलों की मांग काफी बढ़ जाती है। ऐसे में मुनाफाखोर सक्रिय हो जाते हैं। महाराष्ट्र एफडीए ने साफ चेतावनी दी है कि मिलावटखोरों और केमिकल का इस्तेमाल करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन ने नागरिकों से भी अपील की है कि अगर वे अपने आस-पास ऐसी कोई भी संदिग्ध गतिविधि देखें, तो तुरंत इसकी शिकायत दर्ज कराएं।


