Saturday, September 5, 2026

TOP NEWS

सहारनपुर कलेक्ट्रेट मस्जिद ध्वस्तीकरण:...

सहारनपुर कलेक्ट्रेट मस्जिद ध्वस्तीकरण: भारी तनाव के बीच सपा सांसद इकरा हसन हाउस...

स्वच्छता में नंबर-1 इंदौर...

स्वच्छता में नंबर-1 इंदौर की गूंज अब दुनिया तक,इटली के काउंसल जनरल पहुंचे...

जब शिक्षकों से ‘स्टूडेंट’...

शिक्षक दिवस पर पीएम मोदी का 'गुरु मंत्र' वायरल: बोले- 'बच्चों को टेक्स्टबुक...

गोरखनाथ मंदिर में जन्माष्टमी...

गोरखनाथ मंदिर में जन्माष्टमी की धूम: 'नन्हे कान्हा' का रूप धरकर पहुंचे बच्चों...
Homeमध्य प्रदेशपद स्थायी करने की मांग: 5 सितंबर शिक्षक दिवस पर भोपाल में...

पद स्थायी करने की मांग: 5 सितंबर शिक्षक दिवस पर भोपाल में महाआंदोलन करेंगे अतिथि शिक्षक, 3 साल बाद भी अधूरी हैं सरकारी घोषणाएं

पद स्थायी करने की मांग: 5 सितंबर शिक्षक दिवस पर भोपाल में महाआंदोलन करेंगे अतिथि शिक्षक, 3 साल बाद भी अधूरी हैं सरकारी घोषणाएं

भोपाल:
मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बरसों से सेवाएं दे रहे अतिथि शिक्षकों ने अपने भविष्य को सुरक्षित करने और पदों को स्थायी (नियमित) कराने के लिए एक बार फिर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शिक्षक दिवस के अवसर पर यानी 5 सितंबर को प्रदेशभर के हजारों अतिथि शिक्षक राजधानी भोपाल में एकत्रित होकर एक विशाल विरोध प्रदर्शन और आंदोलन करने जा रहे हैं। अतिथि शिक्षकों का आरोप है कि सरकार द्वारा तीन साल पहले की गई घोषणाएं आज भी सिर्फ कागजों तक ही सीमित हैं।

घोषणाएं तीन साल बाद भी अधूरी
अतिथि शिक्षक संघ के पदाधिकारियों के अनुसार, साल 2023 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अतिथि शिक्षकों के एक महापंचायत सम्मेलन में कई बड़े वादे और घोषणाएं की थीं। इन घोषणाओं में मानदेय को दोगुना करने, नियमित शिक्षकों की भर्ती में 50 प्रतिशत आरक्षण देने, और हर साल के अनुभव के आधार पर बोनस अंक देने जैसे वादे शामिल थे।

अतिथि शिक्षकों का कहना है कि तीन साल का लंबा समय बीत जाने के बाद भी इनमें से अधिकांश घोषणाओं को पूरी तरह धरातल पर नहीं उतारा गया है। वर्तमान सरकार से बार-बार गुहार लगाने के बाद भी जब कोई ठोस नीतिगत फैसला नहीं लिया गया, तो उन्होंने लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करने का निर्णय लिया है।

क्या हैं अतिथि शिक्षकों की मुख्य मांगें?
आंदोलनकारी अतिथि शिक्षकों ने सरकार के सामने अपनी प्रमुख मांगें रखी हैं, जिन पर वे तुरंत कार्रवाई चाहते हैं:

  1. पदों का नियमितीकरण: वर्षों से पढ़ा रहे अतिथि शिक्षकों के पदों को स्थायी किया जाए ताकि उनका भविष्य सुरक्षित हो सके।
  2. विभागीय परीक्षा का आयोजन: छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों की तर्ज पर एक विशेष विभागीय परीक्षा आयोजित कर पात्रता रखने वाले शिक्षकों को नियमित कैडर में शामिल किया जाए।
  3. रुकी हुई घोषणाओं का क्रियान्वयन: 2023 में महापंचायत के दौरान की गई सभी घोषणाओं को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए।
  4. सेवा सुरक्षा की गारंटी: नए नियमित शिक्षकों या उच्च पद प्रभार वाले शिक्षकों के आने पर अनुभवी अतिथि शिक्षकों को सेवा से बाहर न निकाला जाए।

भोपाल में जुटेगा प्रदेशभर का हुजूम
5 सितंबर शिक्षक दिवस, जिसे आमतौर पर गुरुओं के सम्मान के रूप में मनाया जाता है, उसे प्रदेश के अतिथि शिक्षक ‘अधिकार दिवस’ और विरोध स्वरूप मनाने जा रहे हैं। भोपाल के शाहजहानी पार्क या नीलम पार्क जैसे प्रमुख स्थलों पर प्रदेश के कोने-कोने से आए अतिथि शिक्षक अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करेंगे और मुख्यमंत्री व स्कूल शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपेंगे।

अतिथि शिक्षक संघ ने साफ कर दिया है कि जब तक सरकार की तरफ से पदों को स्थायी करने और उनकी आजीविका सुरक्षित करने का कोई लिखित आश्वासन या ठोस आदेश जारी नहीं होता, तब तक उनका यह चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments