बैतूल। भीमपुर निवासी किसान अरविंद बिसोने ने पैतृक कृषि भूमि पर अवैध कब्जा करने और कृषि कार्य के लिए रास्ता अवरुद्ध करने का आरोप लगाते हुए कलेक्टर से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। किसान ने महिला शिक्षक प्रमिला शिवहरे और उनके पति ग्राम सचिव राजेंद्र शिवहरे पर जमीन पर कब्जे की नीयत से निर्माण कराने का आरोप लगाया है। शिकायत में राजस्व अधिकारियों और पंचायत से जुड़े लोगों की मिलीभगत का आरोप भी लगाया गया है।
अरविंद बिसोने ने अपने भाइयों अनिल, रामदयाल और सतीश के साथ 5 अक्टूबर को कलेक्ट्रेट के आवक अनुभाग में आवेदन दिया। शिकायतकर्ता के अनुसार भीमपुर बस स्टैंड के आगे बेहड़ाढाना रोड स्थित प्राचीन चंडी माता मंदिर के सामने उनकी करीब 100-150 वर्ष पुरानी पैतृक कृषि भूमि है। यह भूमि परिवार की आजीविका का प्रमुख साधन है। उनका कहना है कि पूर्वजों के समय भूमि के एक छोटे हिस्से का उपयोग अस्थायी पुलिस चौकी और सचिवालय की बैठकों के लिए किया जाता था। वर्तमान में यह स्थान जर्जर होकर खंडहर में तब्दील हो चुका है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि प्रमिला शिवहरे और राजेंद्र शिवहरे उक्त खंडहर और जमीन को आबादी क्षेत्र तथा अपनी निजी संपत्ति बताते हुए वहां निर्माण करा रहे हैं। इसके चलते उनकी कृषि भूमि तक ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य कृषि उपकरण ले जाने का रास्ता प्रभावित हो गया है। किसान का यह भी कहना है कि इससे प्राचीन चंडी मंदिर तक आने-जाने वाले सार्वजनिक रास्ते पर भी असर पड़ रहा है।
अरविंद बिसोने ने शिकायत में आरोप लगाया है कि विरोध करने पर उन्हें और उनके परिवार को दबाव एवं धमकी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने राजस्व रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराने में भी कथित अनियमितता का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
शिकायतकर्ता के अनुसार इससे पहले 11 मई को तहसीलदार भीमपुर तथा 12 मई को ग्राम कोटवार, उपसरपंच, सरपंच और जनपद सदस्य के साथ प्रशासन को शिकायत की जा चुकी है। किसान परिवार ने प्रशासन से भूमि की जांच कर अतिक्रमण हटाने, रास्ता बहाल कराने और यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
महिला शिक्षक और ग्राम सचिव पति पर पैतृक कृषि भूमि पर कब्जे का आरोप
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