मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के मिसरोद क्षेत्र से एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ के नवीन हायर सेकेंडरी स्कूल के छात्र-छात्राओं ने अपनी ही फिजिक्स (विज्ञान) शिक्षिका के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए स्कूल के बाहर सड़क पर बैठकर चक्काजाम और ज़ोरदार धरना-प्रदर्शन किया। छात्रों का आरोप है कि शिक्षिका उन्हें बुरी तरह प्रताड़ित करती हैं और विरोध करने पर परीक्षा में फेल करने की धमकी देती हैं।
खिड़कियाँ साफ करवाना और लोहे की रॉड से पिटाई
प्रदर्शन कर रहे स्कूली छात्रों ने शिक्षिका पर बेहद गंभीर और अमानवीय आरोप लगाए हैं। छात्रों का कहना है कि शिक्षिका उन्हें परीक्षा में फेल करने का डर दिखाकर अपने घर के निजी काम करवाती हैं, जिनमें घर के काँच और खिड़कियाँ साफ़ करना शामिल है। इसके अलावा, स्कूल का भारी फर्नीचर उठवाने और बात न मानने पर लोहे की रॉड व पाइप से बेरहमी से पीटने के भी आरोप छात्रों ने लगाए हैं।
प्रैक्टिकल के नाम पर अवैध वसूली का आरोप
सड़क पर तख्तियां लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं ने प्रशासन को बताया कि शिक्षिका द्वारा विज्ञान के प्रैक्टिकल और अच्छे नंबर देने के नाम पर बच्चों से ₹2500 तक की अवैध वसूली की मांग की जा रही थी। जो बच्चे पैसे देने में असमर्थ थे, उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा था। कार्रवाई की मांग को लेकर छात्र करीब 3 घंटे से अधिक समय तक सड़क पर धरने पर बैठे रहे, जिससे स्थानीय यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।
शिक्षिका ने आरोपों को बताया साज़िश
दूसरी तरफ, आरोपी शिक्षिका ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे अपने खिलाफ एक सोची-समझी साज़िश करार दिया है। शिक्षिका का कहना है कि वह बच्चों को केवल अनुशासन में रहने और पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने के लिए टोकती थीं। परीक्षा के समय रंगोली या मेहंदी जैसे अन्य कामों में समय बर्बाद करने से मना करने के कारण कुछ छात्र और स्कूल के अन्य लोग उनके विरोधी हो गए हैं। उन्होंने छात्रों द्वारा सौंपे गए शिकायत पत्र पर कुछ हस्ताक्षरों को भी फर्जी बताया है।
शिक्षा विभाग ने शुरू की जांच
मामले की गंभीरता और सड़क पर बच्चों के बढ़ते हंगामे को देखते हुए स्थानीय पुलिस और स्कूल प्रशासन ने दखल दिया। अधिकारियों ने छात्रों को समझा-बुझाकर सड़क से हटाया और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। स्कूल प्रबंधन और जिला शिक्षा विभाग ने मामले को संज्ञान में लेते हुए शिक्षिका के खिलाफ एक आंतरिक जांच कमेटी गठित कर दी है, जिसके बाद आगे की कानूनी या प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।


