काशी के आसमान में गूंजी सुखोई-राफेल की गर्जना, पीएम मोदी की मौजूदगी में IAF के ‘विंग्स ओवर गंगा’ का भव्य समापन
वाराणसी: भगवान शिव की नगरी काशी का आसमान आज भारतीय वायु सेना (IAF) के अदम्य साहस, शौर्य और तकनीकी आधुनिकता का गवाह बना। वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित तीन दिवसीय मेगा एयर शो ‘विंग्स ओवर गंगा’ (Wings Over Ganges) का आज (25 अक्टूबर 2026) भव्य समापन हो गया। इस ऐतिहासिक और रोमांचक समापन समारोह के साक्षी खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बने, जिनकी उपस्थिति ने इस आयोजन को और अधिक गरिमामय बना दिया।
वीवीआईपी मेहमानों की मौजूदगी में शौर्य का प्रदर्शन
वाराणसी के नमो घाट पर आयोजित इस मुख्य और अंतिम दिन के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी मंच पर मौजूद रहे। प्रधानमंत्री मोदी भव्य रोड शो करते हुए कार्यक्रम स्थल तक पहुंचे, जहां उनका स्वागत पारंपरिक डमरू दल, शंखनाद और ‘हर हर महादेव’ के जयघोष के साथ किया गया।
100 विमानों ने गंगा की लहरों पर दिखाया पराक्रम
इस तीन दिवसीय (22, 24 और 25 अक्टूबर) हवाई महाकुंभ में भारतीय वायु सेना, सेना और नौसेना के संयुक्त तालमेल की झलक देखने को मिली। रक्षा अधिकारियों के मुताबिक, एयर शो में लगभग 100 विमान और हेलीकॉप्टर्स शामिल हुए, जिनमें 52 लड़ाकू विमान, 15 परिवहन विमान और 32 हेलीकॉप्टर शामिल थे।
हवा में गरजे राफेल और सुखोई, सूर्य किरण ने बांधा समां
इस आयोजन में अत्याधुनिक सुपरसोनिक लड़ाकू विमानों राफेल, सुखोई-30 MKI और स्वदेशी तेजस ने एरोहेड फॉर्मेशन में उड़ान भरते हुए आसमान में हैरतअंगेज कलाबाजियां दिखाईं। वहीं चिनूक हेलीकॉप्टरों और मिराज 2000 विमानों ने काशी की संस्कृति को नमन करते हुए विशेष ‘कैलाश’ और ‘महादेव’ कॉल साइन के साथ उड़ान भरकर बाबा विश्वनाथ को सलामी दी। इसके अलावा 9 हॉक विमानों वाली विश्व प्रसिद्ध ‘सूर्य किरण एरोबेटिक टीम’ ने हवा में रंग-बिरंगे धुएं से अद्भुत आकृतियां बनाकर दर्शकों का दिल जीत लिया, जबकि स्वदेशी ध्रुव हेलीकॉप्टरों की ‘सारंग टीम’, लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर ‘प्रचंड’ और मिग-29 विमानों ने भी अपनी युद्धक क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया।


