Wednesday, October 14, 2026

TOP NEWS

MP News: भोपाल में...

भोपाल के मिसरोद थाना प्रभारी (TI) रतन सिंह परिहार को 'जय जोहार' बोलने पर आदिवासी छात्रों को गाली देने और 'यहीं कूट दूंगा' की धमकी देने के मामले में मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर सस्पेंड कर दिया गया है। पूरी खबर पढ़ें।

गूगल डेटा सेंटर विवाद:...

आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में बन रहे गूगल के मेगा डेटा सेंटर पर 160 एकड़ जंगल काटने और जल संकट पैदा करने के आरोप लगे हैं, जिस पर कंपनी ने एयर-कूलिंग तकनीक की सफाई दी है। पूरी रिपोर्ट पढ़ें।

उत्तराखंड में गुटखा-पान मसाला...

Uttarakhand Gutkha Ban: उत्तराखंड में तंबाकू और निकोटिन युक्त गुटखा, पान मसाला के निर्माण, भंडारण और बिक्री पर एक साल के लिए पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। खाद्य सुरक्षा आयुक्त विनय शंकर पांडेय द्वारा जारी इस सख्त आदेश और इसके कानूनी प्रावधानों की पूरी रिपोर्ट पढ़ें।

सेवामुक्त अग्निवीरों के लिए...

उत्तराखंड की धामी सरकार ने सेवामुक्त अग्निवीरों के लिए 'भर्ती नियमावली-2026' को दी मंजूरी। समूह 'ग' के पदों पर 10% क्षैतिज आरक्षण के साथ लिखित परीक्षा और शारीरिक मानक में मिलेगी बड़ी छूट। पूरी खबर यहाँ पढ़ें।
Homeदेशजंतर-मंतर प्रदर्शन मामला: CJP नेता सौरव दास और आशुतोष रांका भेजे गए...

जंतर-मंतर प्रदर्शन मामला: CJP नेता सौरव दास और आशुतोष रांका भेजे गए तिहाड़ जेल, कोर्ट ने सुनाई 5 दिनों की न्यायिक हिरासत

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सह-संयोजक सौरव दास और प्रवक्ता आशुतोष रांका को दिल्ली की एक अदालत ने 5 दिनों की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया है। दिल्ली पुलिस द्वारा प्रिवेंटिव डिटेंशन (निवारक हिरासत) में लिए जाने के बाद बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को दोनों नेताओं को मंदिर मार्ग स्थित स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) की अदालत में पेश किया गया था, जहां से उन्हें सीधे जेल भेजने का आदेश जारी हुआ।

जंतर-मंतर पर जबरन घुसने और नारेबाजी का आरोप

यह पूरा मामला राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के प्रसिद्ध प्रदर्शन स्थल जंतर-मंतर पर अनधिकृत तरीके से घुसने और विरोध प्रदर्शन करने से जुड़ा है। गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस प्रशासन ने हाल ही में रामलीला मैदान, बुरारी ग्राउंड और सीबीडी ग्राउंड को विरोध प्रदर्शनों के लिए नए स्थान के रूप में अधिसूचित किया था, जिसके बाद जंतर-मंतर को आधिकारिक धरना स्थल की सूची से हटा (Denotify) दिया गया था।

इस प्रतिबंध के बावजूद, चुनाव सुधारों और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर अभियान चला रहे सीजेपी के नेता 13 अक्टूबर (मंगलवार) को जंतर-मंतर परिसर में पहुंच गए। पुलिस के मुताबिक, नेताओं और उनके कार्यकर्ताओं ने सुरक्षा घेरा (बैरीकेड) पार किया, प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश किया और तिरंगा लहराकर नारेबाजी की, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें हिरासत में ले लिया।

क्यों मिली जेल? बेल बॉन्ड की शर्तों का उल्लंघन पड़ा भारी

अदालत द्वारा दोनों नेताओं को सीधे जेल भेजने के पीछे सबसे बड़ी वजह शांति व्यवस्था बनाए रखने के बॉन्ड (Peace Bond) की शर्तों को तोड़ना और भारतीय न्याय सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 का दोबारा उल्लंघन करना बताया गया है।

इससे पहले, 10 अक्टूबर को भी दिल्ली हवाई अड्डे से इन नेताओं को एहतियातन हिरासत में लिया गया था। इसके बाद 11 अक्टूबर को प्रशासन ने उनसे एक साल तक दिल्ली में कानून-व्यवस्था की स्थिति न बिगाड़ने और शांति बनाए रखने की शर्त पर 50,000 रुपये का एक शांति बॉन्ड भरवाकर रिहा किया था। दो दिनों के भीतर ही दोबारा जंतर-मंतर पर अनधिकृत प्रवेश करने के चलते दिल्ली पुलिस ने अदालत में दलील दी कि ये दोनों ‘रिपीट ऑफेंडर’ (बार-बार नियम तोड़ने वाले) हैं और इन्होंने अपनी रिहाई की शर्तों का खुला उल्लंघन किया है।

इस मामले में उनके तीसरे साथी और राष्ट्रीय संगठन प्रभारी अजिंक्य शिंदे को भी हिरासत में लिया गया था, लेकिन पहली बार का मामला होने के कारण उन्हें नया व्यक्तिगत पीस बॉन्ड भरने की शर्त पर अदालत से रिहा होने की अनुमति दे दी गई।

विपक्षी दलों ने घेरा, CJP ने बताया ‘अघोषित आपातकाल’

इस कार्रवाई के बाद दिल्ली की राजनीति गरमा गई है। कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए इस कार्रवाई को ‘अघोषित आपातकाल’ और लोकतंत्र की हत्या करार दिया है। पार्टी की कानूनी टीम की प्रमुख रत्ना सिंह ने भी सोशल मीडिया पर लिखा कि शांतिपूर्ण तरीके से तिरंगा फहराने और प्रदर्शन करने के लिए देश के युवाओं को जेल भेजा जा रहा है।

इस मामले ने अब राष्ट्रीय स्तर पर भी तूल पकड़ लिया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत विपक्ष के कई प्रमुख नेताओं ने इस गिरफ्तारी की कड़ी आलोचना की है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार संवैधानिक अधिकारों और शांतिपूर्ण विरोध की आवाज को दबाने के लिए पुलिस बल का दुरुपयोग कर रही है।

कानूनी कदम उठाने की तैयारी

न्यायिक हिरासत के इस आदेश के बाद सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली की तिहाड़ जेल स्थानांतरित कर दिया गया है। दिलचस्प बात यह है कि आज ही आशुतोष रांका का जन्मदिन भी है, जिसे उनके समर्थकों ने पुलिस थाने के बाहर मनाया था। सीजेपी की लीगल टीम ने स्पष्ट किया है कि वे इस फैसले के खिलाफ स्थानीय अदालत में जल्द ही जमानत याचिका (Bail Application) दायर करेंगे, ताकि पांच दिनों की अवधि पूरी होने से पहले दोनों नेताओं की रिहाई सुनिश्चित की जा सके।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments