दिग्विजय सिंह की ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ शुरू: महाकाल की नगरी उज्जैन से अयोध्या के लिए पैदल रवाना हुए पूर्व मुख्यमंत्री
उज्जैन:
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने विजयादशमी के पावन अवसर पर उज्जैन से अपनी बहुचर्चित ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ का शंखनाद कर दिया है। 79 वर्ष की आयु में दिग्विजय सिंह बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन से भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या तक की लगभग 950 किलोमीटर लंबी पदयात्रा पर पैदल निकले हैं। यात्रा की शुरुआत से पहले उन्होंने हरसिद्धि गणेश मंदिर में सपत्नीक विशेष पूजा-अर्चना की, पार्थिव शिवलिंग का निर्माण किया और कन्या पूजन कर यात्रा के रथ को रवाना किया।
सक्रिय राजनीति से दूरी और धर्म रक्षा का संकल्प
यात्रा की शुरुआत के साथ ही दिग्विजय सिंह ने एक बड़ा ऐलान करते हुए सक्रिय राजनीति से दूरी बनाने का संकेत दिया है। उन्होंने कहा कि वह 80 वर्ष के होने जा रहे हैं, इसलिए अब पार्टी में नए चेहरों को मौका मिलना चाहिए। सिंह ने स्पष्ट किया कि अब उनका पूरा ध्यान धर्म और आस्था की रक्षा पर रहेगा। आध्यात्मिक एकाग्रता बनाए रखने के लिए उन्होंने पदयात्रा के दौरान सोशल मीडिया से पूरी तरह दूरी बना ली है और अपना आधिकारिक ‘एक्स’ (ट्विटर) अकाउंट व निजी मोबाइल फोन अपने सचिव को सौंप दिया है।
गैर-राजनीतिक स्वरूप और चंदा चोरी का मुद्दा
दिग्विजय सिंह ने इस पदयात्रा को पूरी तरह से धार्मिक और अराजनीतिक बताया है। यात्रा में किसी भी राजनीतिक दल (कांग्रेस सहित) के झंडे, बैनर या पोस्टर का उपयोग नहीं किया जा रहा है। हालांकि, यात्रा के दौरान धार्मिक स्थलों की व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और राम मंदिर में कथित ‘चंदा चोरी’ व ‘वोट चोरी’ जैसे मुद्दों पर जन-जागरूकता फैलाने की बात कही गई है। यात्रा के दौरान एक विशेष एलईडी वाहन भी साथ चल रहा है जो इस विषय पर तैयार डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन करेगा। सिंह ने सनातन धर्म को सार्वभौमिक बताते हुए कहा कि देश में कुछ लोग धर्म का इस्तेमाल सत्ता पाने और वसूली के हथियार के रूप में कर रहे हैं, जो पूरी तरह असंवैधानिक है।
यात्रा का स्वरूप और रूट चार्ट
यह ऐतिहासिक पदयात्रा करीब 70 दिनों में पूरी होगी, जिसमें दिग्विजय सिंह पांच पवित्र नदियों का जल लेकर अयोध्या के राम मंदिर पहुंचेंगे। यात्रा में सबसे आगे राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगा) और उसके पीछे पचरंगा धर्मध्वज चल रहा है, जिसके साथ डमरू वादक, बैंड और साधु-संतों की टोली शामिल है।
- प्रथम चरण (मध्य प्रदेश): यात्रा उज्जैन से शुरू होकर शाजापुर, राजगढ़, गुना, तराना, सारंगपुर, चाचौड़ा, अशोकनगर और चंदेरी जैसे क्षेत्रों से गुजरेगी।
- द्वितीय चरण (उत्तर प्रदेश): बुंदेलखंड के रास्ते यात्रा तालबेहट, ओरछा (रामराजा सरकार मंदिर दर्शन), उरई, कालपी, कानपुर देहात और लखनऊ होते हुए अयोध्या पहुंचेगी।
इस यात्रा की शुरुआत पर प्रदेश की सियासत भी गरमा गई है। बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय ने तंज कसते हुए उन्हें ’80 साल का युवा’ बताया और कहा कि हवाई जहाज में घूमने वाले कांग्रेस के युवा नेताओं को दिग्विजय सिंह से जमीन की राजनीति सीखनी चाहिए। वहीं, दिग्विजय सिंह ने आरएसएस (RSS) प्रमुख मोहन भागवत और वीएचपी को भी इस यात्रा में शामिल होने का खुला निमंत्रण दिया है।


