सोने की कीमतों में आएगी ऐतिहासिक तेजी! ग्लोबल एक्सपर्ट्स का दावा- जल्द ₹1.8 लाख और लंबी अवधि में ₹3 लाख पार करेगा गोल्ड
नई दिल्ली:
भारतीय सर्राफा बाजार में सोने (Gold) में निवेश करने वालों के लिए बड़ी और बेहद चौंकाने वाली खबर है। वैश्विक और घरेलू वित्तीय विशेषज्ञों ने सोने की कीमतों को लेकर एक ऐसी महा-भविष्यवाणी की है, जिसने पूरी दुनिया के निवेशकों का ध्यान खींच लिया है। दिग्गज ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म जेफरीज (Jefferies) और वैश्विक बैंकिंग दिग्गजों जैसे जे.पी. मॉर्गन (J.P. Morgan) के हालिया अनुमानों के मुताबिक, आने वाले समय में सोना सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़कर एक नया इतिहास रचने जा रहा है।
घरेलू बाजार (MCX) में सोना जल्द ही ₹1.8 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर को छू सकता है, वहीं लंबी अवधि के निवेशकों के लिए दावा किया जा रहा है कि यह ₹3 लाख के पार भी जा सकता है।
📊 अंतरराष्ट्रीय बाजार में $6,000 डॉलर का लक्ष्य
ग्लोबल रिसर्च फर्म जे.पी. मॉर्गन की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतें साल 2026 के अंत तक $6,000 प्रति औंस के ऐतिहासिक स्तर को छू सकती हैं। इतना ही नहीं, साल 2027 तक इसके $6,300 तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। वहीं दूसरी ओर, गोल्डमैन सैक्स (Goldman Sachs) ने भी अपना बुलिश (तेजी) रुख बरकरार रखते हुए साल 2026 के अंत तक सोने के $4,200 से $4,900 प्रति औंस के दायरे में रहने की भविष्यवाणी की है।
भारत में क्यों आएगी इतनी बड़ी तेजी? जानिए 4 मुख्य कारण
विशेषज्ञों ने भारतीय बाजार में सोने की कीमतों में आग लगने के पीछे चार सबसे बड़े ट्रिगर्स बताए हैं:
- केंद्रीय बैंकों की आक्रामक खरीदारी: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) समेत दुनिया भर के केंद्रीय बैंक अपनी अर्थव्यवस्था को सुरक्षित रखने के लिए अमेरिकी डॉलर के मुकाबले लगातार सोने का भंडार (Gold Reserves) बढ़ा रहे हैं।
- अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती: अमेरिकी केंद्रीय बैंक द्वारा ब्याज दरों में की जा रही कटौती से डॉलर इंडेक्स कमजोर हो रहा है। इतिहास गवाह है कि जब भी डॉलर कमजोर होता है, सोने की चमक दोगुनी हो जाती है।
- वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव: मध्य पूर्व (Middle East) में बढ़ता तनाव और वैश्विक राजनीतिक अस्थिरता के चलते निवेशक शेयर बाजार से पैसा निकालकर सोने जैसे सुरक्षित विकल्प (Safe Haven) में लगा रहे हैं।
- भारत में शादियों और त्योहारों का सीजन: भारत में पारंपरिक रूप से सोने की फिजिकल डिमांड हमेशा मजबूत रहती है। शादियों के मौजूदा सीजन के कारण घरेलू बाजार में मांग और तेजी से बढ़ी है।
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) की राय
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के विश्लेषकों का मानना है कि हालांकि शॉर्ट-टर्म में सोना एक सीमित दायरे (Range-bound) में कारोबार कर सकता है, लेकिन मौजूदा वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक हालातों को देखते हुए इसमें गिरावट की गुंजाइश बेहद कम है। किसी भी बड़े वैश्विक संकट की स्थिति में यह सीधे ऊपर की ओर (Uptrend) भागेगा।
सलाह: वित्तीय विशेषज्ञों के अनुसार, यदि आप लंबी अवधि के निवेशक हैं, तो सोने में हर गिरावट पर धीरे-धीरे खरीदारी (Buy on Dips) करने की रणनीति आपके लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकती है।
(डिस्क्लेमर: यह खबर विशेषज्ञों और वैश्विक संस्थाओं के पूर्वानुमानों पर आधारित है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें।)


