Thursday, September 10, 2026

TOP NEWS

फोल्डेबल फोन की सबसे...

Apple iPhone Duo की प्रीमियम चुनौती बनाम Samsung Galaxy Z Fold 8 का...

H-1B वीजा धारकों को...

गौरव जोशीH-1B वीजा धारकों को बड़ा झटका: ट्रंप प्रशासन का नया प्रस्ताव—नौकरी...

Gold Silver Price Crash:...

नई दिल्ली:वैश्विक बाजारों में मची उथल-पुथल के कारण घरेलू वायदा बाजार (MCX) में...

9/11 की 25वीं बरसी:...

9/11 की 25वीं बरसी: वो 102 मिनट जिसने दुनिया का भूगोल और इंसान...
Homeदेशप्राइवेसी का सबसे बड़ा संकट; IDScan के क्लाउड सर्वर में सेंध, 15...

प्राइवेसी का सबसे बड़ा संकट; IDScan के क्लाउड सर्वर में सेंध, 15 करोड़ से ज्यादा नागरिकों के सरकारी डिजिटल आईडी लीक

प्राइवेसी का सबसे बड़ा संकट; IDScan के क्लाउड सर्वर में सेंध, 15 करोड़ से ज्यादा नागरिकों के सरकारी डिजिटल आईडी लीक

मेटा डिस्क्रिप्शन (SEO Meta Description): पहचान सत्यापन क्षेत्र की वैश्विक दिग्गज कंपनी IDScan.net के सिस्टम से 15.3 करोड़ से अधिक लोगों के ड्राइविंग लाइसेंस और पासपोर्ट का अत्यंत संवेदनशील डेटा चोरी हो गया है। जानिए NTVTIME TECH पर इस ऐतिहासिक डेटा ब्रीच की पूरी एक्सक्लूसिव इनसाइड रिपोर्ट।

  • ग्लोबल सिक्योरिटी अलर्ट: डिजिटल आईडी वेरिफिकेशन फर्म IDScan.net ने आधिकारिक तौर पर डेटा लीक की पुष्टि की।
  • चोरी हुआ डेटा: लगभग 153,000,000 (15.3 करोड़) लोगों के ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट और इंटरनेशनल ट्रैवल डॉक्युमेंट्स।
  • हाई-प्रोफाइल टारगेट: लीक हुए दस्तावेजों में अमेरिकी रक्षा सचिव (US Secretary of Defense) पेट हेगसेथ की आईडी भी शामिल।
  • फेडरल इन्वेस्टिगेशन: एफबीआई (FBI) का न्यू ऑरलियन्स फील्ड ऑफिस इस बड़े मामले की टेक्निकल जांच कर रहा है।
  • कानूनी शिकंजा: डेटा सुरक्षा में लापरवाही बरतने को लेकर कंपनी पर कई बड़े ‘क्लास-एक्शन’ मुकदमे दर्ज हो चुके हैं。


वैश्विक डिजिटल सुरक्षा और क्लाउड स्टोरेज की दुनिया से एक बेहद डराने वाली खबर सामने आई है। दुनिया भर में कार रेंटल कंपनियों (Hertz), कोरियर कंपनियों (FedEx) और बड़े रिटेलर्स (Target) को इन-पर्सन पहचान सत्यापन सेवाएं देने वाली लुइसियाना की दिग्गज कंपनी IDScan.net के क्लाउड इन्फ्रास्ट्रक्चर से इतिहास का सबसे बड़ा डेटाबेस चोरी हो गया है। कंपनी ने आखिरकार यह स्वीकार कर लिया है कि एक अज्ञात हैकर ग्रुप ने उनके क्लाउड सिस्टम में अनधिकृत रूप से प्रवेश कर करोड़ों यूज़र्स की अत्यंत संवेदनशील सरकारी आईडी का डेटाबेस कॉपी कर लिया है।

यह सुरक्षा चूक सीधे तौर पर उन लाखों आम लोगों को प्रभावित करती है जिन्होंने कभी न कभी किसी होटल, डिस्पेंसरी या स्टोर में एंट्री करते समय अपना आईडी कार्ड स्कैन करवाया था।

डार्क वेब पर खुली दुकान: कैसे हुआ खुलासा?

इस मामले का खुलासा तब हुआ जब प्रख्यात साइबर सुरक्षा खोजी पत्रकार ब्रायन क्रेब्स (Brian Krebs) ने डार्क वेब के एक नामी रूसी-भाषा के फोरम ‘Exploit’ पर एक नई सर्च सर्विस ‘Nexus’ को एक्टिव देखा। इस सर्विस पर दावा किया गया था कि उनके पास 15.3 करोड़ से अधिक अमेरिकी और कनाडाई नागरिकों के ड्राइविंग लाइसेंस और 1 करोड़ से अधिक नेशनल आईडी का लाइव डेटाबेस है, जिसे कोई भी पैसे देकर सर्च कर सकता है।

हैकर्स ने दावा किया कि वे पिछले एक साल से इस प्रमुख पहचान सत्यापन कंपनी के डेटाबेस से लाइव डेटा निकाल (Exfiltrate) रहे थे। पत्रकार क्रेब्स ने जब इस डेटाबेस में खुद का और अपने रिश्तेदारों का रिकॉर्ड सर्च किया, तो उनके होश उड़ गए; उनके लाइसेंस की हूबहू फ्रंट और बैक तस्वीरें, एड्रेस और लाइसेंस नंबर वहां लाइव मौजूद थे।

आम लोगों और वीआईपी सुरक्षा पर सीधा खतरा

हैक किए गए इस पूरे डेटाबेस की सबसे चिंताजनक बात यह है कि इसमें सिर्फ टेक्स्ट डेटा लीक नहीं हुआ है, बल्कि निम्नलिखित डिजिटल संपत्तियां हैकर्स के हाथ लगी हैं:

  1. हाई-रिजॉल्यूशन इमेज: ड्राइविंग लाइसेंस और पासपोर्ट के फ्रंट और बैक हिस्से की असली तस्वीरें।
  2. फॉरेंसिक स्कैन्स: आईडी स्कैनिंग मशीनों द्वारा लिए गए इंफ्रा-रेड (IR) और अल्ट्रा-वॉयलेट (UV) इमेज वेरिएंट्स।
  3. बायोमेट्रिक डेटा: पहचान सत्यापन के दौरान एकत्र किए गए पूरे नाम और यूनीक सरकारी आईडी नंबर्स।

इस डेटा के लीक होने से वैश्विक स्तर पर ‘आइडेंटिटी थेफ्ट’ (पहचान की चोरी) का खतरा कई गुना बढ़ गया है, जिसके जरिए वित्तीय धोखाधड़ी या बैंक फ्रॉड को अंजाम दिया जा सकता है।

एफबीआई की एंट्री और टेक वर्ल्ड में मचा बवाल

जैसे ही यह सुरक्षा चूक मीडिया के सामने आई, अमेरिकी जांच एजेंसी FBI के न्यू ऑरलियन्स फील्ड ऑफिस ने इस पूरे नेक्सस की जांच के लिए एक आधिकारिक जांच दल गठित कर दिया है। शुरुआती तौर पर कंपनी ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर एक सिक्योरिटी इंसिडेंट नोटिस जारी किया है, जिसमें उन्होंने माना कि 1 सितंबर 2026 के आसपास उन्हें इस अनधिकृत पहुंच का पता चला और वे फॉरेंसिक विशेषज्ञों के साथ इसकी जांच कर रहे हैं।

इस बीच, सुरक्षा में इतनी बड़ी लापरवाही के लिए कानूनी फर्मों ने IDScan.net के खिलाफ अमेरिकी अदालतों में ताबड़तोड़ कई ‘क्लास-एक्शन’ मुकदमे दायर कर दिए हैं, जिसमें भारी मुआवजे की मांग की जा रही है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments