Friday, September 11, 2026

TOP NEWS

मध्य प्रदेश में सार्वजनिक...

मध्य प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन की ऐतिहासिक वापसी: 25 सितंबर से शुरू होगी...

KEDARNATH YATRA UPDATE: केदारनाथ...

KEDARNATH YATRA UPDATE: केदारनाथ पैदल मार्ग पर तड़के फटा बादल, चीरबासा में भारी...

जमीन का भी डिजिटल...

जमीन का भी डिजिटल पहचान पत्र: जानें क्या है सरकार की नई 'भू-आधार'...

BRICS Business Forum 2026:...

BRICS Business Forum 2026: केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल का बड़ा बयान, बोले- 'स्थानीय...
Homeदेशऊर्जा संकट भी बेअसर: IMF ने भारतीय अर्थव्यवस्था को बताया दुनिया का...

ऊर्जा संकट भी बेअसर: IMF ने भारतीय अर्थव्यवस्था को बताया दुनिया का ‘ग्रोथ इंजन’, अनुमान से बेहतर 7.8% रही GDP ग्रोथ

ऊर्जा संकट भी बेअसर: IMF ने भारतीय अर्थव्यवस्था को बताया दुनिया का ‘ग्रोथ इंजन’, अनुमान से बेहतर 7.8% रही GDP ग्रोथ

नई दिल्ली:
वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और ऊर्जा संकट (Energy Price Shock) के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था ने एक बार फिर दुनिया के सामने अपनी मजबूती का लोहा मनवाया है. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने भारत के हालिया आर्थिक प्रदर्शन की जमकर सराहना करते हुए इसे वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए मुख्य ‘ग्रोथ इंजन’ करार दिया है.

आईएमएफ का यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश की वास्तविक जीडीपी (GDP) विकास दर उम्मीदों को पीछे छोड़ते हुए 7.8% दर्ज की गई है.

यह भी पढ़े

BRICS समिट से ठीक पहले अमेरिका का H-1B कार्ड: पुतिन-शी की भारत यात्रा के बीच मोदी सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति?

उम्मीदों से काफी आगे निकले आंकड़े

केंद्रीय सांख्यिकी विभाग (MoSPI) द्वारा जारी चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के आंकड़ों के मुताबिक, देश की आर्थिक वृद्धि दर ने तमाम आर्थिक जानकारों के अनुमानों को ध्वस्त कर दिया है.

  • RBI का अनुमान: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने इस तिमाही के लिए 7% ग्रोथ का अनुमान लगाया था, जिससे यह आंकड़ा 0.8% ज्यादा रहा.
  • कुल जीडीपी मूल्य: देश की रियल जीडीपी (Real GDP) पिछले साल के 75.46 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर अब 81.36 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गई है.

इन सेक्टर्स ने दी रफ्तार, ऊर्जा संकट रहा बेअसर

वाशिंगटन में आयोजित एक प्रेस ब्रीफिंग में आईएमएफ की प्रवक्ता जूली कोजैक ने भारत की इस सफलता के मुख्य कारणों पर प्रकाश डाला:

  1. सेवा क्षेत्र (Services Sector) में बूम: फाइनेंस, रियल एस्टेट, आईटी और प्रोफेशनल सर्विसेज जैसे सेक्टर्स में 11.5% की भारी उछाल देखी गई.
  2. मजबूत निर्यात (Exports): वैश्विक मंदी के माहौल में भी भारतीय निर्यात का प्रदर्शन उम्मीद से काफी बेहतर रहा.
  3. घरेलू मांग में तेजी: भारतीय बाजारों में घरेलू स्तर पर मजबूत मांग बनी हुई है, जिसने अर्थव्यवस्था को सहारा दिया.

जूली कोजैक ने विशेष रूप से कहा, “भारत के जीडीपी आंकड़े हमारे स्टाफ के अनुमानों और आम सहमति से कहीं अधिक रहे हैं। यह शानदार नतीजा वैश्विक स्तर पर जारी ऊर्जा संकट के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था के लचीलेपन और मजबूती को दर्शाता है।”

डेटा पारदर्शिता के प्रयासों का भी IMF ने किया समर्थन

जीडीपी के आंकड़ों की सटीकता को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच आईएमएफ ने भारत सरकार द्वारा किए गए सांख्यिकीय बदलावों का भी समर्थन किया है। आईएमएफ प्रवक्ता ने कहा कि भारत द्वारा इंडेक्स ऑफ इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन (IIP) और प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (PPI) सीरीज में आधुनिकीकरण के नए प्रयास स्वागत योग्य हैं, जिससे आर्थिक डेटा की पारदर्शिता और विश्वसनीयता और अधिक बढ़ेगी.

ग्लोबल सप्लाई चेन में तनाव और कच्चे तेल की अस्थिर कीमतों के बावजूद भारत का यह दमदार प्रदर्शन साबित करता है कि मंदी की आहट के बीच भारत वैश्विक तरक्की की सबसे मजबूत धुरी बना हुआ है.

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments