Sunday, September 13, 2026

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इंदौर क्राइम ब्रांच का बड़ा एक्शन: 3 करोड़ की साइबर ठगी का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, 11 राज्यों में फैला था जाल

इंदौर क्राइम ब्रांच की बड़ी कामयाबी: 3 करोड़ की ऑनलाइन ठगी का मास्टरमाइंड गिरफ्तार; 11 राज्यों की पुलिस को थी तलाश

इंदौर।
इंदौर पुलिस की क्राइम ब्रांच टीम ने साइबर ठगों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक बहुत बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने एक ऐसे शातिर अंतरराज्यीय साइबर अपराधी को गिरफ्तार किया है, जिसने देश के अलग-अलग हिस्सों में करोड़ों रुपये का फ्रॉड किया था। आरोपी के पास से भारी मात्रा में फर्जी बैंकिंग दस्तावेज बरामद हुए हैं।

बैंक पासबुक और एटीएम का जखीरा जब्त
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (एडिशनल डीसीपी) राजेश दंडोतिया ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि मुखबिर की सूचना और टेक्निकल इनपुट के आधार पर आरोपी ललित उर्फ ऋषि सुतार को घेराबंदी करके दबोचा गया। पुलिस ने जब आरोपी की तलाशी ली, तो उसके पास से अवैध रूप से रखे गए बैंकिंग किट्स का पूरा जखीरा मिला। क्राइम ब्रांच ने आरोपी के पास से:

  • 21 बैंक पासबुक
  • 20 चेकबुक
  • 8 एटीएम/डेबिट कार्ड
  • 7 क्यूआर कोड और 1 लैपटॉप जब्त किया है।

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11 राज्यों में फैला था जाल, 46 गंभीर शिकायतें दर्ज
पुलिस जांच में सामने आया है कि इस आरोपी का नेटवर्क बेहद खतरनाक और बड़ा है। नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCCRP) की जांच में पता चला है कि इस आरोपी के खिलाफ देश के 11 अलग-अलग राज्यों में कुल 46 शिकायतें पहले से दर्ज हैं। आरोपी के इन खातों के जरिए अब तक 3 करोड़ रुपये से अधिक का संदिग्ध लेन-देन (ट्रांजैक्शन) किया जा चुका है। इसके तार मध्य प्रदेश के अलावा महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक और बिहार जैसे राज्यों से जुड़े हुए हैं।

ऐसे देता था वारदात को अंजाम (Modus Operandi)
पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी साइबर अपराधियों के मुख्य गैंग के लिए ‘म्यूल अकाउंट्स’ (किराए के या फर्जी बैंक खाते) का इंतजाम करता था। वह गरीब या सीधे-साधे लोगों को चंद रुपयों का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाता था और उनकी पासबुक, चेकबुक व एटीएम अपने पास रख लेता था। जब भी गैंग देश में कहीं ऑनलाइन ठगी करता, तो फ्रॉड का पैसा इन्हीं खातों में मंगवाया जाता था और आरोपी ललित उसे तुरंत निकाल लेता था।

आगे की कार्रवाई जारी
क्राइम ब्रांच ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है और बैंक खातों की वित्तीय जांच (Financial Investigation) की जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस सिंडिकेट में इंदौर या देश के अन्य हिस्सों से और कौन-कौन से बड़े बुकी या साइबर ठग जुड़े हुए हैं।


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