( संवाददाता प्रफुल्ल तंवर )
वार्ड 75 के भावना नगर-पालदा नाका क्षेत्र में अनोखा विरोध प्रदर्शन; लंबे समय से सड़क बदहाल होने से नाराज रहवासी, कमिश्नर से मुलाकात और समाधान की मांग
एनटीवी टाइम न्यूज इंदौर/ सड़क की बदहाली से परेशान वार्ड 75 के रहवासियों ने नगर निगम के खिलाफ अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। भावना नगर-पालदा नाका क्षेत्र में सड़क नहीं बनने से नाराज पार्षद कुणाल सोलंकी और रहवासी सड़क पर जमा कीचड़ में बैठ गए और धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि लंबे समय से सड़क की हालत खराब है। बारिश के दौरान सड़क पर कीचड़ और पानी जमा हो जाता है, जिससे पैदल चलने के साथ ही दोपहिया और चार पहिया वाहनों से निकलना भी मुश्किल हो जाता है। रहवासियों के मुताबिक समस्या को लेकर कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हुआ।
सड़क पर कीचड़, इसी में बैठकर जताया विरोध
सड़क की बदहाली को लेकर रहवासियों में नाराजगी इस कदर बढ़ गई कि उन्होंने अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करने के लिए कीचड़ में बैठकर प्रदर्शन करने का फैसला किया। पार्षद और रहवासियों ने कहा कि जब आम लोगों को रोजाना इसी स्थिति से गुजरना पड़ रहा है तो जिम्मेदार अधिकारियों को भी समस्या की गंभीरता समझनी चाहिए।
बोले पार्षद- समाधान होने तक जारी रहेगा धरना
पार्षद कुणाल सोलंकी ने कहा कि सड़क का स्थायी निराकरण होने तक धरना जारी रहेगा। उन्होंने कहा, “जब तक इस रोड का निराकरण नहीं होगा, तब तक हम धरना प्रदर्शन पर बैठे रहेंगे। हमारी कमिश्नर और एडिशनल कमिश्नर से मांग है कि वे हमसे मुलाकात करें और हमारी समस्या का समाधान करें।”
अधिकारी मौके पर आएं, तभी खत्म होगा प्रदर्शन
रहवासियों का कहना है कि वे लंबे समय से सड़क निर्माण और समस्या के स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं। बारिश के दिनों में हालात और खराब हो जाते हैं। कीचड़ के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी होती है और दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचकर समस्या का समाधान करने का आश्वासन नहीं देते, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।
रहवासियों का सवाल- आखिर कब बनेगी सड़क?
भावना नगर-पालदा नाका क्षेत्र के लोगों का कहना है कि सड़क जैसी मूलभूत सुविधा के लिए उन्हें बार-बार शिकायत और प्रदर्शन का सहारा लेना पड़ रहा है। उनका कहना है कि बारिश के मौसम में समस्या और गंभीर हो जाती है। अब रहवासियों और पार्षद की नजर नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों पर है।


