चेन्नई: दक्षिण भारत की राजनीति और युवा संवाद के लिहाज से आज का दिन बेहद ऐतिहासिक साबित हो रहा है. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी चेन्नई पहुंचे, जहां उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री और TVK प्रमुख सी. जोसेफ विजय से मुलाकात की. दोनों नेताओं की यह मुलाकात सिर्फ औपचारिक कमरों तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसके बाद चेन्नई के पलावक्कम स्थित एक कैफे में दोनों नेताओं को बेहद अनौपचारिक अंदाज में एक साथ कॉफी पीते और तिरामिसू का लुत्फ उठाते देखा गया.
राज्य में बनी नई राजनीतिक केमिस्ट्री के बीच इस ‘कॉफ़ी डिप्लोमेसी’ ने सोशल मीडिया से लेकर सियासी गलियारों तक भारी हलचल पैदा कर दी है.
चेन्नई के आइलैंड ग्राउंड्स में ‘छात्रों की गूंज’ का छठा अध्याय
कैफे में हुई इस अनौपचारिक मुलाकात के बाद राहुल गांधी चेन्नई के ऐतिहासिक आइलैंड ग्राउंड्स के लिए रवाना हुए, जहां कांग्रेस के बेहद चर्चित युवा आउटरीच कार्यक्रम ‘छात्रों की गूंज’ (तमिल में: मानवरगलिन कुरल) का छठा एडिशन आयोजित किया जा रहा है.
कोटा, देहरादून, प्रयागराज, पुणे और इंदौर की भारी सफलता के बाद यह पहला मौका है जब यह महा-संवाद अभियान दक्षिण भारत की धरती पर कदम रख रहा है. इस बड़े इवेंट के लिए हज़ारों छात्रों ने डिजिटल माध्यमों और क्यूआर कोड के जरिए अपना एडवांस रजिस्ट्रेशन कराया है.
दक्षिण के 5 राज्यों के 7.5 करोड़ Gen-Z युवाओं पर फोकस
‘यूथ इन इंडिया’ की हालिया जनसांख्यिकीय रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण भारत के पांच राज्यों (तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना) में 15 से 29 वर्ष की आयु के लगभग 7.5 करोड़ युवा (Gen-Z) निवास करते हैं. ‘छात्रों की गूंज’ के इस छठे पड़ाव का मुख्य उद्देश्य इसी विशाल युवा आबादी की चिंताओं को सीधे राष्ट्रीय पटल पर लाना है.
इस खास कार्यक्रम के तहत राहुल गांधी युवाओं और छात्रों से जुड़े कई गंभीर और ज्वलंत मुद्दों पर सीधी चर्चा कर रहे हैं:
- NEET और परीक्षा प्रणाली: मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट (NEET) को लेकर उपजा विवाद और देश में पेपर लीक जैसी प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की कमियां.
- बेरोजगारी और रोजगार के अवसर: दक्षिण भारत के शिक्षित युवाओं के लिए नौकरियों की कमी और करियर को लेकर बढ़ता तनाव.
- महिला शिक्षा और सुरक्षा: शिक्षा व्यवस्था में छात्राओं की बढ़ती भागीदारी और उनके लिए सुरक्षित माहौल तैयार करना.
- केंद्र की शिक्षा नीति: वर्तमान केंद्रीय नीतियों और छात्रों पर बढ़ते मानसिक व आर्थिक दबाव का विश्लेषण.
सियासी समीकरणों के लिहाज से क्यों खास है यह दौरा?
तमिलनाडु में हुए हालिया राजनीतिक बदलावों के बाद कांग्रेस और सीएम विजय की पार्टी TVK ने मिलकर सरकार का गठन किया है. इस नए गठबंधन (सेक्युलर सोशल जस्टिस विक्ट्री एलायंस) के सत्ता में आने के बाद दोनों शीर्ष नेताओं की यह पहली बड़ी व्यक्तिगत और सार्वजनिक मुलाकात है. यही वजह है कि चेन्नई के कैफे से निकलकर आई तस्वीरों को भविष्य की राष्ट्रीय राजनीति और विपक्षी एकजुटता (INDIA ब्लॉक) के एक नए और मजबूत अध्याय के रूप में देखा जा रहा है.
सुरक्षा के लिहाज से पूरे चेन्नई शहर में चप्पे-चप्पे पर करीब 15,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ सुरक्षा के बेहद कड़े और पांच-स्तरीय इंतजाम किए गए हैं.


