शाहजहांपुर (खुदागंज)। उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले से एक बेहद चौंकाने वाली और दर्दनाक खबर सामने आई है. यहाँ खुदागंज थाना क्षेत्र के सूथा गांव में स्थित एक मंदिर परिसर में रह रहे दो बुजुर्ग साधुओं की बेरहमी से हत्या कर दी गई. हत्यारों ने वारदात के साक्ष्य (सबूत) मिटाने की नीयत से दोनों साधुओं के शवों को मंदिर के पास ही लकड़ी की चिता बनाकर आग के हवाले कर दिया.
गुरुवार सुबह जब मंदिर से धुआं उठता देख ग्रामीण मौके पर पहुंचे, तो वहां का खौफनाक मंजर देखकर पूरे इलाके में सनसनी फैल गई. सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी भारी पुलिस बल और फॉरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंच गए हैं।
मृतक साधुओं की हुई पहचान
पुलिस प्रशासन और ग्रामीणों से मिली जानकारी के मुताबिक, मारे गए दोनों साधु लंबे समय से मंदिर की देखरेख और पूजा-पाठ कर रहे थे:
- बाबा गोपाल दास (उम्र लगभग 70 वर्ष): मूल रूप से अजीजगंज मोहल्ले के रहने वाले थे और पिछले 20 सालों से इसी शिव मंदिर में रहकर कथावाचन और सेवा करते थे.
- बाबा बिहारी दास (उम्र लगभग 60 वर्ष): स्थानीय गांव के ही निवासी थे, जो करीब एक महीने पहले ही बाबा गोपाल दास के शिष्य बनकर इसी मंदिर में रहने लगे थे.
सुबह 7 बजे चला घटना का पता, जल रहे थे शव
मंदिर में रोज़ाना की तरह साफ-सफाई करने पहुंचे सेवादार द्रगपाल ने बताया कि जब वह सुबह करीब 7 बजे मंदिर प्रांगण में दाखिल हुआ, तो उसने साधुओं के शवों को जलते हुए देखा. चीख-पुकार मचने के बाद सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण मंदिर पर इकट्ठा हो गए. हालात की संवेदनशीलता को देखते हुए गांव में एहतियातन भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है.
मुख्य संदिग्ध पुलिस हिरासत में, मंदिर पर कब्जे का विवाद आया सामने
मंदिर के संरक्षक शिव कुमार सिंह की लिखित तहरीर और शिकायत के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गांव के ही एक युवक सुमित सिंह को हिरासत में ले लिया है.
प्राथमिक जांच में हत्या के पीछे की जो मुख्य वजहें सामने आ रही हैं, वे इस प्रकार हैं:
- मंदिर पर एकाधिकार की चाहत: आरोपी सुमित पिछले कुछ दिनों से लगातार इन सन्यासियों के पास उठ-बैठ रहा था. ग्रामीणों के मुताबिक, उसने कुछ दिनों पहले साधुओं को वहां से हट जाने और मंदिर पर अपना अधिकार जमाने की धमकी भी दी थी।
- आपराधिक और मानसिक पृष्ठभूमि: पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मुख्य आरोपी सुमित करीब एक महीने पहले ही अदालत से जमानत पर जेल से बाहर आया था. उसे मानसिक रूप से अस्वस्थ (मेंटली डिस्टर्ब) और नशेड़ी प्रवृत्ति का बताया जा रहा है।
पुलिस कप्तान (SP) का आधिकारिक बयान
“प्रथम दृष्ट्या मामला मंदिर परिसर पर एकाधिकार जमाने और विवाद से जुड़ा हुआ लग रहा है। मुख्य नामजद आरोपी सुमित को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की जा रही है। फॉरेंसिक टीम ने मौके से वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए हैं और शवों के अवशेषों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले में सुसंगत धाराओं के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।”
— सौरभ दीक्षित, पुलिस अधीक्षक (SP), शाहजहांपुर


