अलीगढ़/उत्तर प्रदेश: जहरीली शराबकांड मामले में लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपियों में से एक रवि लखेरा को पुलिस ने एक शॉर्ट एनकाउंटर में गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस और बदमाश के बीच यह मुठभेड़ घने जंगल वाले इलाके में हुई, जहां खुद को घिरा देख आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली आरोपी के पैर में लगी है, जिसके बाद उसे हिरासत में लेकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। रवि लखेरा उत्तर प्रदेश के उस कुख्यात जहरीली शराबकांड में वांटेड था, जिसमें करीब 31 लोगों की जान चली गई थी।
जंगल में घेराबंदी के दौरान मुठभेड़
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि जहरीली शराबकांड का वांछित आरोपी रवि लखेरा इलाके के एक सुनसान जंगल में छिपा हुआ है और वहां से भागने की फिराक में है। इस सूचना के आधार पर पुलिस और स्वाट (SWAT) की संयुक्त टीम ने देर रात जंगल की घेराबंदी शुरू की। पुलिस को अपनी ओर आते देख आरोपी रवि लखेरा ने आत्मसमर्पण करने के बजाय पुलिस टीम पर सीधे फायरिंग झोंक दी।
आत्मरक्षा में पुलिस ने चलाई गोली
बदमाश की ओर से हुई फायरिंग के बाद पुलिस ने भी मोर्चा संभाला और आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की। इस मुठभेड़ के दौरान पुलिस की एक गोली रवि लखेरा के पैर में जा लगी, जिससे वह वहीं गिर पड़ा। पुलिस ने तुरंत आगे बढ़कर उसे दबोच लिया और उसके पास से अवैध असलहा व कारतूस बरामद किए हैं। पैर में गोली लगने के कारण उसे तुरंत नजदीकी जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां भारी सुरक्षा के बीच उसका इलाज चल रहा है।
31 मौतों का मुख्य आरोपी था रवि
पकड़ा गया आरोपी रवि लखेरा इलाके में अवैध और जहरीली शराब के काले कारोबार का बड़ा नेटवर्क चला रहा था। कुछ समय पहले इसके द्वारा सप्लाई की गई जहरीली शराब पीने से अलग-अलग गांवों में कुल 31 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी, जबकि कई लोगों की आंखों की रोशनी चली गई थी। इस कांड के बाद से ही पुलिस इसकी सरगर्मी से तलाश कर रही थी और इस पर इनाम भी घोषित किया गया था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के ठीक होने के बाद उससे पूछताछ की जाएगी, जिससे इस अवैध नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों का पर्दाफाश हो सके।


