सिम बंद होते ही बुजुर्ग के खाते से उड़े ₹11 लाख: शिमला में हैरान करने वाला नया साइबर फ्रॉड, पुलिस ने जारी किया अलर्ट
शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से साइबर ठगी का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ चिड़गांव इलाके में रहने वाले एक 65 वर्षीय बुजुर्ग (दारा सिंह बांशा) का मोबाइल सिम कार्ड बंद होते ही ठगों ने उनके बैंक खाते में सेंध लगा दी। जालसाजों ने महज कुछ ही दिनों के भीतर 33 UPI ट्रांजैक्शन के जरिए बुजुर्ग की जीवनभर की कमाई से ₹11,04,799 साफ कर दिए।
रविवार को पुलिस द्वारा मामला दर्ज किए जाने के बाद विभाग ने आम जनता के लिए इस नए तरीके के फ्रॉड को लेकर एक ज़रूरी अलर्ट जारी किया है।
सिम बंद होते ही शुरू हुआ ठगी का खेल
पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, पीड़ित बुजुर्ग का मोबाइल नेटवर्क 5 सितंबर 2026 को अचानक गायब हो गया और उनकी सिम पूरी तरह ब्लॉक हो गई। बुजुर्ग ने इसे तकनीकी खराबी समझा और नज़रअंदाज कर दिया। इसी का फायदा उठाकर ठगों ने 5 सितंबर से 18 सितंबर 2026 के बीच उनके बैंक खाते को पूरी तरह एक्सेस कर लिया। जब बुजुर्ग ने अपना बैंक खाता चेक किया, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। खाते से कुल 33 बार में ₹11 लाख से अधिक की राशि निकाली जा चुकी थी।
क्या है यह ‘सिम स्वैप’ फ्रॉड और कैसे काम करता है?
साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, यह मामला सिम स्वैपिंग (SIM Swapping) या सिम क्लोनिंग का है। इसमें ठग बेहद शातिराना तरीके से काम करते हैं:
- पहला कदम: ठग सबसे पहले किसी तरह पीड़ित की निजी बैंकिंग जानकारी (जैसे यूजर आईडी, पासवर्ड) फिशिंग लिंक या मालवेयर के जरिए चुरा लेते हैं।
- दूसरा कदम: इसके बाद वे मोबाइल ऑपरेटर कंपनी के पास जाकर पीड़ित के नाम का फर्जी आईडी कार्ड दिखाते हैं और फोन खो जाने का बहाना बनाकर उसी नंबर की डुप्लीकेट सिम (New SIM) जारी करवा लेते हैं।
- तीसरा कदम: जैसे ही नई सिम एक्टिवेट होती है, पीड़ित के फोन में मौजूद असली सिम तुरंत बंद हो जाती है। इसके बाद बैंक से आने वाले सभी ओटीपी (OTP) और UPI एक्टिवेशन कोड ठग के पास जाने लगते हैं, जिससे वे आसानी से पूरा खाता खाली कर देते हैं।
शिमला पुलिस की आम जनता से अपील
चिड़गांव थाना पुलिस ने इस संबंध में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने नागरिकों को सुरक्षित रहने के लिए निम्नलिखित सावधानियां बरतने की सलाह दी है:
- नेटवर्क गायब होने पर तुरंत एक्शन लें: यदि आपके मोबाइल का सिग्नल अचानक चला जाए और कई घंटों तक वापस न आए, तो इसे सिर्फ नेटवर्क की खराबी न समझें। तुरंत अपने मोबाइल ऑपरेटर के कस्टमर केयर से संपर्क कर पूछें कि कहीं आपके नंबर पर कोई नई सिम तो जारी नहीं की गई है।
- बैंक को तुरंत सूचित करें: सिम अचानक बंद होने की स्थिति में एहतियातन अपने बैंक को कॉल करके अपनी नेट बैंकिंग और UPI सेवाओं को कुछ समय के लिए ब्लॉक करवा दें।
- अज्ञात कॉल्स पर न दें जानकारी: यदि कोई व्यक्ति खुद को मोबाइल कंपनी का कर्मचारी बताकर सिम अपग्रेड (जैसे 4G से 5G) करने के बहाने कोई कोड दबाने या एसएमएस फॉरवर्ड करने को कहे, तो ऐसा बिल्कुल न करें।


