तमिलनाडु:50 अश्लिल वीडियो सेलम में ढोंगी तांत्रिक गिरफ्तार; हिडन कैमरे से अश्लील वीडियो बनाकर डार्क वेब पर बेचने का आरोप
सेलम (तमिलनाडु): तमिलनाडु के सेलम जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ वाझापाड़ी इलाके में पुलिस ने एक ऐसे ढोंगी तांत्रिक (Self-styled Godman) को गिरफ्तार किया है, जो तंत्र-मंत्र के बहाने महिलाओं और युवतियों को नशीला पदार्थ देकर उनका अश्लील वीडियो बनाता था। आरोप है कि वह इन वीडियो को पैसों के लालच में इंटरनेट और डार्क वेब पोर्टल्स पर बेचता था।
पुलिस ने आरोपी के पास से लैपटॉप, मोबाइल और डिजिटल डिवाइस बरामद किए हैं, जिसमें कई आपत्तिजनक वीडियो मिले हैं।
बर्तन की दुकान बंद होने पर बना ‘तांत्रिक’
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी की पहचान 50 वर्षीय विजयराजा के रूप में हुई है। वह पहले बर्तन बनाने वाली एक यूनिट में काम करता था। दुकान बंद होने के बाद उसने शॉर्टकट से पैसे कमाने के लिए खुद को चमत्कारी बाबा और तांत्रिक घोषित कर दिया। उसने वाझापाड़ी के पास एक तंत्र-मंत्र केंद्र खोला, जहाँ वह लोगों की परेशानियां दूर करने का दावा करता था।
‘प्रसाद’ में नशा देकर करता था घिनौनी करतूत
जांच के दौरान पुलिस को आरोपी के काम करने के खौफनाक तरीके का पता चला:
- नशीला प्रसाद: केंद्र पर आने वाली पीड़ित महिलाओं और युवतियों को वह झांसा देकर नशीला पानी या भोजन (प्रसाद के रूप में) देता था।
- हिडन कैमरा रिकॉर्डिंग: जब पीड़ित बेहोश या अचेत अवस्था में चले जाते, तो आरोपी कमरे में छिपे हुए कैमरों (Hidden Cameras) के जरिए उनके अश्लील वीडियो रिकॉर्ड कर लेता था।
- डार्क वेब पर बिक्री: पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि एक ऑनलाइन पोर्टल ने उसे इस तरह के वीडियो के बदले मोटी रकम देने का ऑफर दिया था, जिसके बाद वह यह फुटेज उन्हें भेजने लगा।
ग्रामीणों ने पकड़कर पुलिस को सौंपा
इस घिनौने खेल का पर्दाफाश तब हुआ जब एक स्थानीय युवती के साथ हुई घटना के बाद ग्रामीणों को उस पर शक हुआ। आरोपी ने मामले को भांपकर वहां से भागने की कोशिश की, लेकिन स्थानीय लोगों ने पीछा करके उसे ढूंढ निकाला, बंधक बनाया और वाझापाड़ी पुलिस के हवाले कर दिया।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच
पुलिस ने आरोपी विजयराजा के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। साइबर सेल की मदद से उसके लैपटॉप से 50 से अधिक वीडियो बरामद किए जा चुके हैं। पुलिस अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि इस रैकेट में डार्क वेब के कौन से पोर्टल शामिल थे और क्या इस अपराध में उसके साथ कोई और नेटवर्क भी काम कर रहा था।


