शिवा शर्मा हत्याकांड: 11 दिन बाद नागपुर से गिरफ्तार हुई मॉडल श्रद्धा दुबे, बुर्का पहनकर दे रही थी पुलिस को चकमा
लखनऊ/नागपुर:
लखनऊ के बहुचर्चित रेस्टोरेंट और कैफे कारोबारी शिवा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस के विशेष कार्य बल (UP STF) और लखनऊ पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। पिछले 11 दिनों से फरार चल रही मुख्य आरोपी और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मॉडल श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और उनके वाहन चालक तनवीर अली उर्फ दानिश को महाराष्ट्र के नागपुर से संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तार कर लिया गया है। इन तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी पर लखनऊ पुलिस ने ₹50-50 हजार का इनाम घोषित कर रखा था।
बुर्का पहनकर और टैक्सियां बदल-बदल कर भाग रही थी श्रद्धा
उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार, श्रद्धा दुबे और उसके साथी पुलिस को चकमा देने के लिए लगातार अपनी लोकेशन बदल रहे थे। फरारी के दौरान श्रद्धा हमेशा बुर्का पहनकर यात्रा कर रही थी ताकि उसकी पहचान छिपी रहे। ये लोग एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए निजी टैक्सियों का इस्तेमाल करते थे और कुछ दूरी पर जाकर गाड़ी बदल देते थे। जांच के दौरान उनका चार पहिया वाहन (स्कॉर्पियो) नेपाल सीमा के पास बहराइच के रुपईडीहा में लावारिस मिला था, जिससे उनके नेपाल भागने की आशंका भी जताई जा रही थी।
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा मामला 9 अक्टूबर का है, जब लखनऊ के हजरतगंज इलाके के अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरकर 28 वर्षीय कैफे मालिक शिवा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। शिवा की मां रंजना शर्मा ने हजरतगंज थाने में श्रद्धा दुबे, उसकी बहन और अन्य के खिलाफ हत्या (भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1)) का मुकदमा दर्ज कराया था। मां का आरोप है कि श्रद्धा उनके बेटे को ब्लैकमेल करती थी, आपत्तिजनक वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी देती थी और उसे बुरी तरह मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था।
श्रद्धा दुबे का दावा: “शिवा ने कर्ज के कारण की आत्महत्या”
गिरफ्तारी से पहले श्रद्धा दुबे ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर खुद को बेकसूर बताया था। उसका दावा था कि उसने शिवा की हत्या नहीं की, बल्कि शिवा ने खुद उसकी आंखों के सामने चौथी मंजिल की बालकनी से कूदकर आत्महत्या की है। श्रद्धा के मुताबिक, शिवा ₹15 लाख से ₹20 लाख के भारी कर्ज में डूबा हुआ था और इसी मानसिक तनाव के चलते उसने यह कदम उठाया।
पुलिस की ढिलाई पर गिरे थे बड़े अफसर
इस हाई-प्रोफाइल मामले में शुरुआत में आरोपियों को न पकड़ पाने और श्रद्धा दुबे द्वारा फरार रहते हुए वीडियो जारी करने के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस प्रशासन पर गंभीर सवाल उठ रहे थे। इसके चलते सरकार ने सख्त कार्रवाई करते हुए लखनऊ के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी सेंट्रल) सहित कुछ पुलिस अधिकारियों को हटा दिया था और इनाम की राशि ₹25 हजार से बढ़ाकर ₹50 हजार की थी।
फिलहाल, उत्तर प्रदेश एसटीएफ और लखनऊ पुलिस की टीम नागपुर की स्थानीय अदालत से आरोपियों की ट्रांजिट रिमांड लेकर उन्हें लखनऊ लाने की कानूनी प्रक्रिया में जुट गई है, जिसके बाद उनसे गहन पूछताछ की जाएगी।


