Friday, October 2, 2026

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ट्रंप का अमेरिकी चुनावी व्यवस्था पर वार, बोले– ‘भारतीय चुनाव आयुक्त ने पूछा- बिना फोटो ID के आपके यहां इलेक्शन कैसे हो जाता है?’

ट्रंप का अमेरिकी चुनावी व्यवस्था पर वार, बोले– ‘भारतीय चुनाव आयुक्त ने पूछा- बिना फोटो ID के आपके यहां इलेक्शन कैसे हो जाता है?’

वाशिंगटन / नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर देश की चुनावी प्रणाली में बड़े बदलावों की वकालत की है। इस बार अपनी बात को सही साबित करने के लिए उन्होंने दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र यानी भारत की चुनावी व्यवस्था का हवाला दिया है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर दावा किया कि भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने खुद अमेरिकी प्रशासन की ढीली व्यवस्था पर हैरानी जताई थी।

ट्रंप के मुताबिक, भारतीय चुनाव आयुक्त ने उनसे सवाल किया था कि अमेरिका में बिना किसी वैध फोटो पहचान पत्र (Photo ID) के मतदान कैसे संपन्न करा लिया जाता है?

‘भारत में हर वोटर के पास ID, अमेरिका में क्यों नहीं?’

डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय चुनाव प्रणाली की पारदर्शिता और अनुशासन की जमकर तारीफ की। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि इस महीने की शुरुआत में भारतीय चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ अमेरिकी अधिकारियों की बातचीत हुई थी।

ट्रंप ने भारत के हालिया आम चुनाव के आंकड़ों का हवाला देते हुए अमेरिका की तुलना की:

– विशाल मतदान: भारत के पिछले लोकसभा चुनाव में 64.6 करोड़ (646 मिलियन) से अधिक लोगों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।

– 100% फोटो पहचान: इतने बड़े पैमाने पर हुए चुनाव में प्रत्येक नागरिक के पास मतदान के वक्त सरकार द्वारा जारी वैध फोटो पहचान पत्र होना अनिवार्य था।

– डाक मतों पर निर्भरता नहीं: भारत में कुल मतदान का 1 प्रतिशत से भी कम हिस्सा मेल-इन बैलेट (डाक मतों) के जरिए डाला गया था, जबकि अमेरिका में इसका बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है।

‘SAVE अमेरिका एक्ट’ को तुरंत पास करने की मांग

भारतीय चुनाव के इन आंकड़ों को सामने रखकर डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी संसद (कांग्रेस) पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। उन्होंने रिपब्लिकन और डेमोक्रेट्स दोनों ही पक्षों से ‘सेव अमेरिका एक्ट’ (SAVE America Act) को बिना किसी देरी के पारित करने की मांग की है।

इस प्रस्तावित कानून के जरिए ट्रंप अमेरिका में तीन बड़े बदलाव करना चाहते हैं:

1. नागरिकता का ठोस सबूत: मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए हर व्यक्ति को अपनी अमेरिकी नागरिकता का कानूनी दस्तावेज दिखाना होगा।

2. अनिवार्य फोटो पहचान पत्र: वोटिंग बूथ पर बिना वैध फोटो आईडी के किसी को भी मतदान की अनुमति नहीं मिलेगी।

3. मेल-इन वोटिंग पर लगाम: डाक के जरिए होने वाले मतदान को सीमित किया जाएगा ताकि चुनावी धोखाधड़ी की गुंजाइश को पूरी तरह खत्म किया जा सके।

सीनेट के अवकाश पर जाने से बढ़ा राजनीतिक गतिरोध

ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी सीनेट इस अहम विधेयक पर बिना किसी ठोस फैसले पर पहुंचे पांच हफ्तों की छुट्टी पर चली गई है। रिपब्लिकन पार्टी इस कानून को देश की सुरक्षा और निष्पक्ष चुनाव के लिए बेहद जरूरी मान रही है, वहीं विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता इसे वोटिंग अधिकारों को सीमित करने की कोशिश बता रहे हैं। ट्रंप ने चेतावनी भरे लहजे में कहा है कि अगर अमेरिका को चुनावी धांधली से बचाना है, तो उसे भारत की तरह सख्त नियम अपनाने ही होंगे।

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