उज्जैन: धर्म और आस्था की नगरी उज्जैन इस समय एक ऐसे अलौकिक और विस्मयकारी घटनाक्रम की गवाह बन रही है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। शहर के व्यस्त सती गेट (बड़ा सराफा मार्ग) पर स्थित करीब 170 साल पुराने प्राचीन खड़े हनुमान मंदिर को सड़क चौड़ीकरण के लिए विस्थापित करने की तैयारी चल रही थी। लेकिन इसी बीच मंदिर परिसर में कुछ ऐसा हुआ, जिसे देखकर लोग साक्षात त्रेतायुग की यादें ताजा होने की बात कह रहे हैं।
कंक्रीट के बाजार में अचानक प्रकट हुई ‘वानर सेना’
सती गेट का यह इलाका पूरी तरह से पक्का और व्यस्त व्यावसायिक क्षेत्र है। यहाँ न तो कोई घना जंगल है और न ही बड़े पेड़-पौधे। स्थानीय दुकानदारों के मुताबिक, यहाँ सालों से कभी एक-दो बंदर भी नहीं देखे गए। लेकिन जैसे ही प्रशासन ने भारी-भरकम जेसीबी और आधुनिक क्रेन मशीनों से हनुमान जी की प्रतिमा को हिलाने का प्रयास शुरू किया, वैसे ही अचानक चारों तरफ से 50 से अधिक बंदरों और लंगूरों का एक विशाल झुंड वहाँ आ धमका।
मंदिर को घेर कर बैठी सेना, गूंजे जय श्री राम के नारे
हैरान कर देने वाली बात यह है कि यह वानर सेना कहीं और जाने के बजाय सीधे मंदिर के गर्भगृह और प्रतिमा के आसपास जाकर शांति से बैठ गई। मशीनों के शोर और हजारों लोगों की भीड़ के बावजूद ये बंदर बिल्कुल शांत रहे और मानो हनुमान जी की प्रतिमा को अपनी सुरक्षा में ले लिया। इस अद्भुत नजारे को देखकर वहाँ मौजूद हजारों श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर पहुंच गया। पूरा इलाका ‘जय श्री राम’ और ‘जय बजरंग बली’ के गगनभेदी जयकारों से गूंज उठा। कई श्रद्धालुओं की आंखों में आस्था के आंसू आ गए और वे इसे साक्षात बजरंग बली का चमत्कार मान रहे हैं।
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मशीनें हुईं फेल, टस से मस नहीं हुए बजरंग बली
चश्मदीदों के अनुसार, प्रशासनिक अमले ने करोड़ों टन की ताकत रखने वाली हाइड्रोलिक क्रेन और आधुनिक कटर मशीनों से 8 फीट ऊंची पाषाण प्रतिमा को सुरक्षित शिफ्ट करने के लिए 40 से अधिक घंटों तक लगातार प्रयास किए। लेकिन अचरज की बात यह है कि इतनी भारी मशीनें भी इस प्रतिमा को अपनी जगह से एक इंच भी नहीं डिगा सकीं। एक तरफ जहाँ मशीनें फेल हो गईं, वहीं दूसरी तरफ वानर सेना का इस तरह पहरा देना भक्तों के मन में इस विश्वास को और पक्का कर गया है कि स्वयं पवनपुत्र हनुमान इस जगह से हटना नहीं चाहते।
फिलहाल, जनभावनाओं और इस रहस्यमयी घटनाक्रम को देखते हुए प्रशासन ने मशीनों से जबरन प्रतिमा हटाने की कार्रवाई को तुरंत रोक दिया है। हनुमान जी की सुरक्षा के लिए प्रतिमा के ऊपर एक अस्थायी शेड बना दिया गया है और अब आगे की राह तलाशने के लिए विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है।


