Monday, September 28, 2026

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उज्जैन शाही मस्जिद विवाद:...

उज्जैन में सिंहस्थ 2028 रोड चौड़ीकरण के तहत शाही मस्जिद के हिस्से को हटाने पर आधी रात को भारी हंगामा हुआ। जानिए क्या है पूरा मामला और क्या हुआ समझौता।

इंदौर के मशहूर प्रॉपर्टी...

इंदौर के पलासिया में मशहूर प्रॉपर्टी कारोबारी और कॉलोनाइजर संदीप उर्फ बंटी नागर का ऑफिस में निधन। पुलिस मामले की जांच में जुटी, सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल खंगाल रही है। पूरी रिपोर्ट पढ़ें।

बड़ी राहत: 28 सितंबर...

बड़ी राहत! 28 से 30 सितंबर तक होने वाली देशव्यापी बैंक हड़ताल आधिकारिक रूप से टली। सोमवार से देश के सभी सरकारी और ग्रामीण बैंकों में कामकाज रहेगा पूरी तरह सामान्य।

एमपी पुलिस आरक्षक (बैंड)...

MP Police Constable Band Result 2026: मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) ने पुलिस आरक्षक (बैंड) भर्ती का फाइनल रिजल्ट घोषित कर दिया है। 560 पदों के लिए अंतिम चयन सूची जारी कर दी गई है। करीब 40 हजार उम्मीदवारों ने इस परीक्षा के लिए आवेदन किया था। अपना रिजल्ट esb.mp.gov.in पर चेक करें।
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उज्जैन ब्रेकिंग: शाही मस्जिद हटाने पर भयंकर पथराव, दागे गए आंसू गैस के गोले; महिला TI घायल, 2500 जवान तैनात

मध्य प्रदेश के धार्मिक शहर उज्जैन में सुबह सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत किए जा रहे सड़क चौड़ीकरण प्रोजेक्ट को लेकर भारी बवाल हो गया। शहर के छतरी चौक इलाके में स्थित ऐतिहासिक शाही मस्जिद के एक हिस्से को हटाने पहुंची प्रशासनिक टीम पर उग्र भीड़ ने अचानक  पथराव शुरू कर दिया। हमले में पुलिस की सुरक्षा शील्ड टूट गई, जिसके बाद उपद्रवियों को खदेड़ने और स्थिति पर काबू पाने के लिए पुलिस को आंसू गैस के कई गोले दागने पड़े और लाठीचार्ज करना पड़ा।

महिला TI पुष्पा पांचाल सहित कई पुलिसकर्मी घायल

इस हिंसक झड़प के दौरान मौके पर सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहीं क्राइम ब्रांच की महिला थाना प्रभारी (TI) पुष्पा पांचाल गंभीर रूप से घायल हो गईं। प्रदर्शनकारी महिलाओं को मस्जिद परिसर से सुरक्षित हटाते समय भीड़ की तरफ से हुए पथराव में उनके हाथ में गंभीर फ्रैक्चर आया है। महिला TI के अलावा मौके पर तैनात कई अन्य सुरक्षाकर्मी और नगर निगम के कर्मचारी भी पत्थरों की चपेट में आने से चोटिल हुए हैं, जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

क्या है विवाद और सड़क चौड़ीकरण की योजना?

इस पूरे विवाद की मुख्य वजह आगामी सिंहस्थ महाकुंभ के मद्देनजर कंठाल चौराहे से गोपाल मंदिर मार्ग को 15 मीटर चौड़ा करने की योजना है। करीब 900 मीटर लंबे इस व्यस्त व्यापारिक मार्ग में वक्फ बोर्ड में दर्ज शाही मस्जिद का लगभग 11 फीट का हिस्सा आ रहा है, जिसका स्थानीय लोग लगातार विरोध कर रहे थे। विवादित हिस्से को डिमोलिशन से बचाने के लिए रविवार देर रात से ही हजारों की संख्या में लोग मस्जिद के पास सड़कों पर जमा हो गए थे। सोमवार सुबह जैसे ही नगर निगम की टीम पोकलेन और जेसीबी मशीनों के साथ टैंक चौराहे और छतरी चौक पहुंची, माहौल पूरी तरह गरमा गया।

अचानक हुई पत्थरों की बारिश

कार्रवाई शुरू होते ही प्रदर्शनकारियों ने नगर निगम की मशीनों को रोकने के लिए बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश की। जब पुलिस ने भीड़ को पीछे धकेला, तो स्थिति बेकाबू हो गई और गलियों के अंदर से व आसपास की छतों से सीधे पुलिस टीम पर पत्थरों की बारिश शुरू कर दी गई। अचानक हुए इस बड़े हमले से एक बारगी प्रशासनिक अमला पीछे हटा, लेकिन तुरंत बाद भारी पुलिस बल ने मोर्चा संभालते हुए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागकर उपद्रवियों को गलियों के अंदर खदेड़ दिया।

मस्जिद कमेटी का पक्ष और ऐतिहासिक महत्व का दावा

शाही मस्जिद कमेटी और स्थानीय मुस्लिम समाज का तर्क है कि यह ऐतिहासिक ढांचा सन् 1309 से अस्तित्व में है और एक महत्वपूर्ण वक्फ संपत्ति है। उनका दावा है कि साल 1961 में भी सड़क विकास के लिए मस्जिद का 20 फीट का हिस्सा पहले ही दिया जा चुका है। कमेटी के मुताबिक यदि अब दोबारा कार्रवाई की गई, तो मस्जिद का मुख्य नमाज हॉल (जमात खाना), 120 फीट ऊंची मीनार और मजहर चौक का हिस्सा पूरी तरह प्रभावित होगा, जिससे पूरी मुख्य इमारत के गिरने का खतरा पैदा हो जाएगा।

हाईकोर्ट का रुख और प्रशासन की दलील

दूसरी तरफ, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर पीठ ने जनहित और सिंहस्थ में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की सुरक्षा व ट्रैफिक प्रबंधन का हवाला देते हुए मस्जिद पक्ष की दोनों याचिकाओं को पहले ही खारिज कर दिया था। कोर्ट ने अपने आदेश में साफ किया था कि नगर निगम मास्टर प्लान और सभी वैधानिक प्रक्रियाओं के तहत ही यह कदम उठा रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों का यह भी कहना है कि यह कार्रवाई किसी एक धार्मिक स्थल को निशाना बनाकर नहीं की जा रही है, क्योंकि इसी प्रोजेक्ट के तहत अब तक 10 मंदिरों और एक अन्य मस्जिद के हिस्सों को भी हटाया जा चुका है। गौरतलब है कि इस महत्वपूर्ण सड़क परियोजना की शुरुआत खुद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने पैतृक मकान के प्रभावित हिस्से को स्वेच्छा से तोड़ने की मंजूरी देकर की थी।

छावनी में बदला इलाका, ड्रोन से निगरानी

तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए उज्जैन कलेक्टर और एसपी सहित तमाम वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भारी बल के साथ मौके पर मोर्चा संभाले हुए हैं। पूरे छतरी चौक, गोपाल मंदिर और अब्दालपुरा इलाके को बैरिकेड्स लगाकर चारों तरफ से सील कर दिया गया है। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर 2,500 से अधिक अतिरिक्त पुलिस जवान, रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की कंपनियां तैनात की गई हैं। पुलिस ड्रोन कैमरों के जरिए आसपास की छतों की निगरानी कर रही है ताकि उपद्रवियों की पहचान की जा सके। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में बताते हुए शहरवासियों से सोशल मीडिया पर फैलने वाली किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने की सख्त अपील की है।

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