संवाददाता प्रफुल्ल तंवर
सस्ती USDT दिलाने के नाम पर इंदौर बुलाया, क्राइम ब्रांच अधिकारी बनकर धमकाया और सात लाख रुपये ऐंठे; पलासिया पुलिस ने चार आरोपियों को दबोचा, एक फरार
एनटीवी टाइम न्यूज इंदौर/ सस्ती दर पर यूएसडीटी (टेथर डिजिटल करेंसी) दिलाने का झांसा देकर सात लाख रुपये की लूट करने वाले गिरोह का पलासिया पुलिस ने पर्दाफाश किया है। गिरोह के सदस्य पहले डिजिटल करेंसी के सौदे के नाम पर लोगों को इंदौर बुलाते थे और फिर खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर उन्हें अवैध लेनदेन के मामले में फंसाने की धमकी देते थे। डर का माहौल बनाकर नकदी छीनने के बाद आरोपी फरार हो जाते थे। पुलिस ने मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि गिरोह में एक वकील भी शामिल है, जिसने वारदात की साजिश में अहम भूमिका निभाई। एक आरोपी फरार है और लूटी गई सात लाख रुपये की रकम भी अभी बरामद नहीं हुई है।
पुलिस के मुताबिक, एमआईजी क्षेत्र निवासी अभय तिवारी ने अपने परिचित जबलपुर निवासी हर्ष को कम कीमत पर यूएसडीटी दिलाने का भरोसा दिया था। सौदा तय होने के बाद हर्ष सात लाख रुपये लेकर इंदौर पहुंचा। अभय अपने दोस्त साफिन के साथ पलासिया क्षेत्र में कथित यूएसडीटी विक्रेताओं से मिलने पहुंचा।
दोनों अपना स्वीट्स के पास रुपये गिन रहे थे, तभी अचानक दो युवक वहां पहुंचे। आरोपियों ने खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताया और डिजिटल करेंसी के अवैध लेनदेन का आरोप लगाते हुए दोनों को धमकाना शुरू कर दिया। आरोपियों ने उन्हें पलासिया थाने ले जाने और कार्रवाई करने की बात कही। पुलिस कार्रवाई के डर से घबराए अभय और साफिन ने सात लाख रुपये आरोपियों को सौंप दिए। रकम हाथ लगते ही आरोपी मौके से फरार हो गए।
घटना के बाद हर्ष ने पलासिया थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ लूट का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और अन्य सुरागों के आधार पर पुलिस ने सबसे पहले सिद्धार्थ को गिरफ्तार किया। पूछताछ में मिले सुरागों के आधार पर पुलिस ने गिरोह के तीन अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार कर लिया।
वकील ने निभाई अहम भूमिका
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह में शामिल एक आरोपी पेशे से वकील है। आरोप है कि उसने पूरी साजिश में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह में उसकी भूमिका क्या थी और वारदात को अंजाम देने से पहले किस तरह योजना तैयार की गई थी। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त जोन-3 ओमप्रकाश के मुताबिक, मामले में एक आरोपी अभी फरार है। पुलिस उसकी तलाश के साथ लूटी गई सात लाख रुपये की नकदी बरामद करने के प्रयास कर रही है।


