मांडू के चतुर्भुज श्री राम मंदिर से निकली भगवान कृष्ण की डोल ग्यारस की पालकी
श्रद्धालुओं के द्वारा जगह-जगह हुई पूजा
राहुल सेन मांडव
मांडू न्यूज। ऐतिहासिक पर्यटन नगरी मांडू में जन्माष्टमी के 11 दिन बाद मनाई जाने वाली ढोल ग्यारस पर भक्ति और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। परंपरा अनुसार भगवान श्रीकृष्ण का आकर्षक डोला निकाला गया, जो पूरे नगर में आकर्षण का केंद्र बना रहा।
चतुर्भुज श्रीराम मंदिर से शाम को जैसे ही डोला प्रारंभ हुआ, पूरा वातावरण “जय श्रीकृष्ण” के जयकारों से गूंज उठा। नगर भ्रमण के पश्चात डोले को ऐतिहासिक गोमती कुंड के पवित्र कुंड पर ले जाया गया, जहां विधि-विधान से भगवान श्रीकृष्ण का स्नान करवाया गया।




जगह-जगह हुआ भव्य स्वागत
डोला जब नगर के विभिन्न मार्गों से गुजरा तो जनमानस की आस्था का केंद्र बन गया। जगह-जगह नगरवासियों ने पुष्प वर्षा कर डोले का स्वागत किया और आरती उतारी। इस दौरान एक अद्भुत धार्मिक माहौल देखने को मिला, जिसमें सभी धर्म के लोगों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की।
मौसम ने भी किया स्वागत, अखाड़ा और भजन संध्या रही आकर्षण
जैसे ही डोला मंदिर से बाहर निकला, मौसम ने भी भगवान का स्वागत किया। अचानक मौसम ने करवट ली और मांडू में रिमझिम फुहारें शुरू हो गईं, जिससे भक्तों के चेहरे खिल उठे। डोले के साथ निकले आकर्षक अखाड़े के करतब और देर शाम आयोजित भजन संध्या भी लोगों के आकर्षण का विशेष केंद्र रही।
रामायण मंडल के द्वारा भजन प्रस्तुति दी गई
रामायण मंडल की तरफ पूरे नगर में डोल ग्यारस की यात्रा में शानदार से भजनों की प्रस्तुति की गई वही डोले को रीति रिवाज और परंपरा के अनुसार कहार समाज के द्वारा डोले को अपने कंधे पर निकले
वही डोले में आचार्य पंडित शुभम त्रिवेदी, पंडित महेंद्र शर्मा, पंडित गोपाल बैरागी, चतुर्भुज राम मंदिर ट्रस्ट के ट्रस्टी मांगीलाल जायसवाल, परमानंद विश्वकर्मा, अशोक निगम वही नगर वाशी उपस्थित रहे वही जगह-जगह महिलाओं के द्वारा भगवान श्री कृष्ण के डोले की पूजा अर्चना की


