Thursday, October 15, 2026

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उज्जैन में पकड़ी ‘नकली नोट’ छापने की फैक्टरी, 30 हजार में बेचते थे 1 लाख के कड़क नोट, वॉशिंग मशीन खरीदी तो फंस गए

( संवाददाता प्रफुल्ल तंवर )

उज्जैन में पुलिस ने नकली नोट बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। कुल छह आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है। इनमें से दो व्यक्ति सीपीयू, कलर प्रिंटर की मदद से बटर पेपर पर 100, 200, 500 के नकली नोट छापते थे। इन्हें 30 हजार में 1 लाख के नोट के हिसाब से बेचते थे।

एनटीवी टाइम न्यूज उज्जैन/उज्जैन : जेल में सजा काटने के दौरान नकली नोट छापने वाले के संपर्क में आए और जब बाहर निकले तो तीन शातिर युवाओं ने नकली करंसी छापने का धंधा शुरू कर लिया। ये लोग सीपीयू, कलर प्रिंटर से बटर पेपर पर लाखों रुपए के नकली नोट छाप चुके हैं।

नकली नोट छाप कर बाजार में चलाने वाले एक गिरोह का उज्जैन पुलिस ने खुलासा किया है । पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने बताया कि पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 5 लाख रुपए के नकली नोट, एक सीपीयू, कलर प्रिंटर, बटर पेपर, स्केल और केमिकल जब्त किया है।

वॉशिंग मशीन खरीदी और नकली नोट की गड्डी थमा दी

दरअसल नकली नोट बनाने वाले इस गिरोह का खुलासा उस समय हुआ जब अमरदीप नगर निवासी फरियादी हीरालाल ने पुलिस को शिकायत की। हीरालाल ने बताया कि वह इलेक्ट्रॉनिक दुकान का संचालन करते हैं। दुर्गेश नामक ग्राहक वाशिंग मशीन और मोबाइल खरीदने उनकी दुकान पर पहुंचा और 23000 रुपए का भुगतान किया। जिसमें 100 एवं 200 रुपए के नोट थे। नोट को देखकर संदेह हुआ तो उसने माधव नगर पुलिस को सूचना की और प्रकरण दर्ज करवाया।

30 प्रतिशत के भाव से मिलते हैं नकली नोट

पुलिस ने नकली नोट चलाने वाले आरोपी दुर्गेश डाबी को हिरासत में लिया और पूछताछ की तो उसने बताया कि वह 30 प्रतिशत के भाव से नकली नोट खरीदता है। 1 लाख रुपए के नकली नोट खरीदने के लिए उसे 30 हजार देना होते हैं। दुर्गेश के बाद पुलिस ने गिरोह के अन्य सदस्यों को पकड़ा जिसमें 22 वर्षीग शुभम, 31 वर्षीय शेखर, 54 वर्षीय प्रहलाद और 48 वर्षीय कमलेश शामिल है। सभी आरोपी उज्जैन के ही रहने वाले हैं। इन आरोपियों का एक और साथी है सुनील जो की जेल में बंद है।

जेल में मिला नकली नोट छापने वाला सरगना

एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि इस गिरोह में कुल 6 लोग हैं। सभी उज्जैन के रहने वाले हैं । एक आरोपी सुनील जेल में बंद है। मुख्य सरगना प्रहलाद और कमलेश हैं। दोनों पूर्व में एनडीपीएस के मामले में जेल में बंद हुए थे। इन्हें 10-10 वर्ष की सजा हो चुकी है। इनकी जेल में सुनील पाटिल से मुलाकात हुई। सुनील पाटिल पहले से नकली नोट छापने के मामले में 10 वर्ष की सजा काट रहा था। उस पर 9 प्रकरण दर्ज है। तीनों आरोपी जब जमानत पर बाहर आए तो इन्होंने फिर से नकली नोट छापने शुरू कर दिए। सुनील पाटिल ने कुल 18 लाख रुपए के नकली नोट छापे हैं। पुलिस को अभी 5 लाख ही बरामद हुए हैं। शेष 13 लाख रुपए के लिए सुनील से पूछताछ की जा रही है।

नारायण शर्मा
नारायण शर्मा
एन टी वी टाइम न्यूज में मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ के लिए काम करता हूं।
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