मुरैना। मध्य प्रदेश के मुरैना जिले से एक बेहद खौफनाक और हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। उफनती चंबल नदी को पार कर रहे एक स्टीमर का अचानक डीजल खत्म हो गया। इंजन बंद होते ही स्टीमर तेज बहाव की चपेट में आ गया और लगभग 5 किलोमीटर तक नदी की बीच धार में बहता चला गया। स्टीमर में 150 से अधिक यात्री और कांवड़िए सवार थे, जिनकी जान कई घंटों तक सांसत में अटकी रही।
बीच नदी में थम गया इंजन, मची चीख-पुकार
जानकारी के मुताबिक, स्टीमर राजस्थान की सीमा से मध्य प्रदेश की ओर आ रहा था। नदी के तेज उफान और उग्र धारा के बीच अचानक स्टीमर का डीजल खत्म हो गया। इंजन बंद होते ही नाव अनियंत्रित हो गई और पानी के तेज बहाव के साथ बहने लगी। स्टीमर पर क्षमता से अधिक लोग सवार थे, जिनमें बड़ी संख्या में कांवड़िए भी शामिल थे। जान खतरे में देखकर नाव पर सवार लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई और चीख-पुकार शुरू हो गई।
प्रशासन की व्यवस्थाओं पर उठे गंभीर सवाल
नाव पर मौजूद यात्रियों ने किसी तरह राजस्थान और मध्य प्रदेश के स्थानीय लोगों व प्रशासन को सूचना दी। कड़ी मशक्कत के बाद दूसरे स्टीमर और स्थानीय गोताखोरों व नाविकों की मदद से बहते हुए स्टीमर को सुरक्षित किनारे पर लाया गया, तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली।
इस घटना ने एक बार फिर स्थानीय प्रशासन और नाव संचालकों की बड़ी लापरवाही को उजागर कर दिया है:
सुरक्षा जांच में लापरवाही: उफनती नदी में बिना पर्याप्त ईंधन और बिना सुरक्षा जांच के स्टीमर को नदी में क्यों उतरने दिया गया?
ओवरलोडिंग: 150 से अधिक यात्रियों को एक साथ सवार करना किसी बड़े हादसे को न्योता देने जैसा था।
लाइफ जैकेट का अभाव: नाव पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम (लाइफ जैकेट आदि) नहीं थे।
स्थानीय लोगों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह की जानलेवा लापरवाही दोबारा न हो।


