Monday, October 12, 2026

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गुना : पद पर रहने लायक नहीं हैं गुना के CMHO… हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव को दिया ये निर्देश

उप-मुख्यमंत्री आ रहे थे, तो सीएमएचओ के पैर की चोट ठीक हो गई और वे नेताजी के आगे-पीछे भी घूमने लगे. ऐसा लगता है जैसे सीएमएचओ नेताओं की चाटुकारिता में लगे रहते हैं. 

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक मामले में गुना के स्वास्थ्य विभाग के सीएमएचओ पर गहरी नाराजगी जताई है. हाईकोर्ट ने ये तक कह दिया कि गुना के सीएमएचओ पद पर रहने लायक नहीं हैं. आइए जानते हैं पूरा मामला क्या है?

इस मामले में अपनाया है कड़ा रुख

स्वास्थ्य विभाग के रिटायर कर्मचारी का पदोन्नति संबंधी रिकॉर्ड की जगह कोर्ट केस की फाइल पेश करने के मामले में हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने कड़ा रुख अपनाया है. कोर्ट के निर्देश पर अब विभाग के मुख्यसचिव को गुना सीएमएचओ की विभागीय जांच करने के निर्देश दिए हैं. मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने 2009 से लंबित याचिका पर मंगलवार को सुनवाई के साथ ही आदेश की कॉपी सर्विस बुक में रखने को भी कहा.

सीएमएचओ डॉ. राजकुमार ऋषिश्वर को गुरुवार तक रिकॉर्ड लाने का निर्देश दिया है. हाई कोर्ट ने कहा कि पदोन्नति संबंधी रिकॉर्ड भेजने की जगह उनके द्वारा कोर्ट केस की फ़ाइल भेज देने से ऐसा लगता है सीएमएचओ नेताओं की चाटुकारिता में लगे रहते हैं. 

हाईकोर्ट ने सीएमएचओ का जवाब पढ़ने के बाद कहा कि खराब स्वास्थ्य के चलते सीएमएचओ कुछ दिन अवकाश पर थे. जैसे ही उप-मुख्यमंत्री का दौरा हुआ तो वे काम पर लौट आए. उप-मुख्यमंत्री आ रहे थे, तो सीएमएचओ के पैर की चोट ठीक हो गई और वे नेताजी के आगे-पीछे भी घूमने लगे. ऐसा लगता है जैसे सीएमएचओ नेताओं की चाटुकारिता में लगे रहते हैं. उनसे रिकॉर्ड मांगा था फिर उन्होंने केस की फाइल क्यों भेज दी ?

सीएमएचओ ने शपथ पत्र पर दिए जवाब में खराब स्वास्थ्य की दुहाई दी और माफी मांगी. साथ ही रिकॉर्ड पेश करने के लिए कोर्ट से थोड़ा समय देने की बात कही. सीएमएचओ के इस रवैये पर हाई कोर्ट ने नाराजगी जताई और कहा कि वे इस पद पर बने रहने के लायक नहीं हैं.

बता दें कि यह मामला जूनियर को प्रमोशन देने के आरोप से जुड़ हुआ है. स्वास्थ्य विभाग से रिटायर हुए बीपी शर्मा ने 2009 में याचिका दायर की थी. जिसमें बताया कि वे ब्लॉक एक्सटेंशन एजुकेटर के पद से रिटायर हुए थे. उनके जूनियर वीएन शर्मा को प्रमोशन का लाभ दिया गया, जबकि सीनियर होने के बाद भी उनकी अनदेखी की गई. याचिका के माध्यम से उन्होंने जूनियर की तरह प्रमोशन सहित अन्य सभी लाभ दिलाने की मांग की.

रिकॉर्ड पेश करने का दिया निर्देश

एडवोकेट राज श्रीवास्तव ने बताया कि पूर्व में हुई सुनवाई में हाई कोर्ट ने वीएन शर्मा को दी गई पदोन्नति के संबंध में रिकॉर्ड पेश करने का निर्देश दिया था. गुना सीएमएचओ ने वो रिकॉर्ड तो भेजा नहीं, कोर्ट केस की फाइल भेज दी. हालांकि मंगलवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि वीएन शर्मा सागर से रिटायर हुए थे. उनका रिकॉर्ड वहीं से मिलेगा.

नारायण शर्मा
नारायण शर्मा
एन टी वी टाइम न्यूज में मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ के लिए काम करता हूं।
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