Monday, October 19, 2026

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भिंड : दलित की बेटी से पहले किया गैंगरेप, फिर राजीनामा चाहते थे आरोपी, पीड़िता नहीं मानी तो उसका घर जला दिया

  • दलित लड़की के साथ गैंगरेप के आरोपी शुक्रवार को दर्जनभर लोगों के साथ राजीनामा के लिए पीड़िता के घर पहुंचे और जब पीड़िता ने कोर्ट से बाहर राजीनामे से इन्कार कर दिया तो आरोपियों ने परिवार को लाठी-डंडे से मारा, फिर तोड़-फोड़ के बाद पीड़िता के घर आग के हवाले कर दिया.

भिंड जिले में अपराधियों के हौंसले कितने बुलंद हैं, इसकी बानगी शुक्रवार को तब देखने को मिला दलित युवती के साथ गैंगरेप करने वाले अपराधी दर्जनभर लोगों के साथ पीड़िता के घर आ धमके और कोर्ट के बाहर राजीनामा करने का दवाब डालने लगी. पीड़िता ने जब राजीनामे को नकारा दिया तो आरोपियों ने उसका घर जला दिया.

दलित लड़की के साथ गैंगरेप के आरोपी शुक्रवार को दर्जनभर लोगों के साथ राजीनामा के लिए पीड़िता के घर पहुंचे और जब पीड़िता ने कोर्ट से बाहर राजीनामे से इन्कार कर दिया तो आरोपियों ने परिवार को लाठी-डंडे से मारा, फिर तोड़-फोड़ के बाद उसके घर को आग लगाकर जला दिया. 

राजीनामे के लिए घर आए लोगों ने घेरकर लाठी -डंडे से परिवार को जमकर पीटा

रिपोर्ट के मुताबिक कोर्ट के बाहर राजीनामे के लिए पीड़ित दलित के घर दर्जनभर लोग एक साथ पहुंचे. परिवार नहीं माना तो गैंगरेप आरोपियों ने परिवार के दो लोगो को घेरकर लाठी डंडे से जमकर पीटा. इस पर भी मन नहीं भरा तो घर के सामानों को तोड़ा-फोड़ा और पीड़िता की झोपड़ी को आग के हवाले कर दिया, जिसमें परिवार के दो लोग झुलस गए.

दलित परिवार ने पुलिस पर आरोपियों के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया है

घटना के बाद दोनों घायलों को नजदीकी अस्पताल इलाज के लिए भेजा गया, जहां हालत गंभीर होने से घायलों को भिंड जिला अस्पताल रेफर करना पड़ा. घटनास्थल पर पहुंचे पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले की पड़ताल शुरू कर दी है. हालांकि दलित परिवार ने पुलिस पर आरोपियों के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया है.

गोरमी थाना क्षेत्र के आरोली गांव में गत 13 जनवरी को आरोपी सोनी गुर्जर व धर्मेंद्र गुर्जर ने बंदूक की नोक से दलित युवती से गैंगरेप किया था. घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. मामले की सुनवाई कोर्ट में चल रही है, जिसमे रेप पीड़िता का बयान भी होना है.

कोर्ट के बाहर केस सेटेल करने के लिए परिवार पर दवाब बना रहे हैं आरोपी

रिपोर्ट के मुताबिक गैंगरेप पीड़िता के कोर्ट में बयान से पहले ऑउट ऑफ कोर्ट मामला सेटेल करने के लिए शुक्रवार को आरोपी दर्जनभर लोगों के साथ पीड़िता के घर पहुंच गए और परिवार पर राजीनामा के लिए दवाब बनाने लगे. पीड़िता के परिवार ने जब राजीनामे से इनकार कर दिया तो आरोपियों के परिजनों उन पर हमला बोल दिया.

राजीनामे के लिए आए लोगों ने मारपीट के बाद उनकी झोपड़ी में आग लगा दी

पीड़ित दलित परिवार के मुताबिक परिवार पर हमला करने वालों में आरोपी सोनी गुर्जर और धर्मेंद्र गुर्जर के परिजन क्रमशः हकीम गुर्जर, जयवीर गुर्जर, ब्रजराज गुर्जर, गुल्ली गुर्जर शामिल है. पीड़ित परिवार को कहना है कि परिवार पर हमले में 8 से 10 लोग शामिल थे, जिन्होंने पीड़िता के पिता को लाठी-डंडे से खूब पीटा और फिर उनकी झोपड़ी में आग लगा दी.

पीड़िता के भाई ने गोरमी थाना पुलिस पर बड़े गंभीर आरोप लगाए हैं और न्याय के लिए कलेक्टर और एसपी से गुहार लगाई है. पीड़ित भाई का कहना है कि थाने की पुलिस आरोपियों से मिली हुई है और आरोपियों से राजीनामे खुद पुलिस भी उन्हें धमका रही है.

अस्पताल लेक आई पुलिस ने घायलों को कुछ भी बोलने से मना किया है

पीड़ित परिवार ने पुलिस पर आरोपियों से पैसे लेने का आरोप लगाया है. उसका कहना है कि घर में आगजनी की सूचना फोन पर देने के बाद पुलिस नहीं आई. घायलों ने बताया कि जिला अस्पताल में घायलों को लेकर आई पुलिस ने उन्हें कुछ भी बोलने से मना किया है. मामले पर पुलिस आरक्षक का कहना है कि उन्हें नहीं पता कि क्या घटना हुई है.

नारायण शर्मा
नारायण शर्मा
एन टी वी टाइम न्यूज में मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ के लिए काम करता हूं।
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