बानमोर (मुरैना)। चंबल के बीहड़ों में एक बार फिर पुलिस और डकैतों के बीच सनसनीखेज मुठभेड़ हुई है। मुरैना पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए कुख्यात गुड्डा गैंग के सरगना और 80 हजार रुपये के इनामी डकैत कल्ली गुर्जर को उसके साथी अजय गुर्जर के साथ गिरफ्तार कर लिया है। बानमोर के पहाड़ी जंगलों में हुई इस शॉर्ट एनकाउंटर में दोनों बदमाशों के पैरों में गोली लगी है, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मुखबिर की सूचना पर 200 जवानों ने घेरा जंगल
पुलिस को सटीक सूचना मिली थी कि डकैत कल्ली गुर्जर अपने साथी के साथ बानमोर के जंगलों में छिपा हुआ है। इसके बाद पुलिस अधीक्षक (SP) के निर्देश पर भारी पुलिस बल का गठन किया गया। लगभग 200 पुलिस जवानों की अलग-अलग टीमों ने पहाड़ी इलाके को चारों तरफ से घेर लिया। खुद को पुलिस से घिरा देख डकैतों ने आत्मसमर्पण करने के बजाय पुलिस पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।
जवाबी फायरिंग में लगी गोली, भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद
डकैतों की तरफ से गोलियां चलते ही पुलिस ने भी आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान पुलिस की गोलियां कल्ली गुर्जर और अजय के पैरों (जांघ) में लगीं, जिससे दोनों वहीं गिर पड़े। पुलिस ने तुरंत दोनों को हिरासत में लिया। एनकाउंटर के बाद सर्चिंग के दौरान पुलिस ने मौके से एक .306 राइफल और करीब 60 जिंदा कारतूस (राउंड) बरामद किए हैं।
सोशल मीडिया पर देता था धमकियां, दर्ज हैं 20 से ज्यादा केस
चंबल का खूंखार डकैत गुड्डा गुर्जर जब जेल गया, तो गैंग की कमान कल्ली गुर्जर ने संभाल ली थी। कल्ली पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुका था क्योंकि वह बेहद शातिर था और सोशल मीडिया (फेसबुक और इंस्टाग्राम) पर वीडियो अपलोड कर सरेआम अपने दुश्मनों को जान से मारने की धमकियां देता था। दोनों डकैतों पर हत्या, लूट, डकैती, अपहरण और हाईवे पर ट्रकों से ‘टेरर टैक्स’ (रंगदारी) वसूलने के 20 से अधिक गंभीर मामले दर्ज हैं।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि इस एनकाउंटर से चंबल क्षेत्र में सक्रिय गैंग्स की कमर टूट गई है और इलाके के व्यापारियों व आम जनता ने राहत की सांस ली है।


