देवास में TI को ट्रक से कुचलने वाले ड्राइवर और क्लीनर का शॉर्ट एनकाउंटर: पुलिस की बंदूक छीनकर की फायरिंग, दोनों के पैर में लगी गोली; इंदौर रेफर
देवास / इंदौर: मध्य प्रदेश के देवास जिले में अवैध शराब तस्करी रोकने के दौरान खातेगांव थाना प्रभारी (TI) दिलीप पुरी को ट्रक से कुचलकर मारने वाले मुख्य आरोपी ड्राइवर गजेंद्र उर्फ अक्कू रावत (28) और उसके क्लीनर साथी धीरज का पुलिस ने शॉर्ट एनकाउंटर कर दिया है। देवास पुलिस की अलग-अलग मुठभेड़ों में दोनों आरोपियों के पैर में गोली लगी है, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए देवास जिला अस्पताल से इंदौर रेफर किया गया है।
पुलिस अभिरक्षा से भागने की कोशिश के दौरान मुठभेड़
देवास पुलिस अधीक्षक (SP) आदित्य मिश्रा के अनुसार, सोमवार को हुई इस जघन्य घटना के बाद से दोनों आरोपी फरार थे। SIT और पुलिस की टीमों ने मुख्य आरोपी ड्राइवर गजेंद्र उर्फ अक्कू को आलीराजपुर जिले से गिरफ्तार किया था।
मंगलवार रात जब पुलिस टीम आरोपी अक्कू रावत को आलीराजपुर से खातेगांव ला रही थी, तभी देवास जिले के बरोठा थाना क्षेत्र (राजोदा से बरोठा के बीच) में पुलिस वाहन का टायर पंचर हो गया। वाहन रुकते ही आरोपी अक्कू ने एक पुलिसकर्मी से सरकारी बंदूक छीन ली और पुलिस टीम पर जानलेवा हमला करते हुए फायरिंग कर भागने का प्रयास किया। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें गोली आरोपी के दाहिने पैर में लगी।
क्लीनर का भी हुआ अलग जगह शॉर्ट एनकाउंटर
मुख्य आरोपी के साथ ही पुलिस ने उसके सहयोगी और सह-चालक (क्लीनर) धीरज को भी घेराबंदी कर दबोचा था। थाना बैंक नोट प्रेस (BNP) क्षेत्र में आरोपी धीरज ने भी पुलिस अभिरक्षा से भागने का प्रयास किया। पुलिस द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई में धीरज के पैर में भी गोली लगी है। दोनों ही मुठभेडों के बाद घायल आरोपियों को तत्काल देवास जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद दोनों की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें इंदौर रेफर कर दिया गया।
क्या था पूरा मामला?
सोमवार की सुबह इंदौर-बैतूल हाईवे पर खातेगांव टीआई दिलीप पुरी के नेतृत्व में पुलिस टीम अवैध शराब तस्करी को रोकने के लिए चेकिंग कर रही थी। पुलिस ने करीब 1800 लीटर अवैध शराब से भरे एक आयशर ट्रक को रोकने का प्रयास किया।
ड्राइवर ने पुलिस को देखकर भागने के लिए ट्रक को डिवाइडर पर चढ़ा दिया। जब टीआई दिलीप पुरी ने ट्रक का पीछा किया, तो आरोपियों ने लापरवाही से वाहन चलाते हुए उनके ऊपर ट्रक का पिछला हिस्सा चढ़ा दिया और मौके से फरार हो गए। इस गंभीर हादसे में बुरी तरह घायल हुए टीआई दिलीप पुरी ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया और वे शहीद हो गए। इस घटना के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने पुलिस को माफियाओं के खिलाफ कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए थे।


