राजस्थान: धौलपुर में का पर्दाफाश, रोजाना 12,000 लीटर सप्लाई; 3 गिरफ्तार, सरगना फरार
धौलपुर। राजस्थान के धौलपुर जिले से मिलावटी और नकली खाद्य पदार्थों के खिलाफ एक बहुत बड़ी कार्रवाई सामने आई है। पुलिस और प्रशासन ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए पिछले करीब दो साल से अवैध रूप से संचालित हो रही एक विशाल नकली दूध बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। मौके से भारी मात्रा में सिंथेटिक दूध और इसे बनाने की सामग्री जब्त की गई है।
रोजाना 12,000 लीटर नकली दूध की होती थी सप्लाई
शुरुआती जांच और इनपुट के अनुसार, इस अवैध कारखाने से रोजाना लगभग 12,000 लीटर नकली दूध तैयार कर बाजार में खपाया जा रहा था। हैरान करने वाली बात यह है कि यह धंधा पिछले दो वर्षों से प्रशासन की नाक के नीचे धड़ल्ले से चल रहा था।
तीन राज्यों में फैला था नेटवर्क
यह नकली दूध सिर्फ स्थानीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि अंतर-राज्यीय नेटवर्क के जरिए सप्लाई किया जा रहा था। तस्कर इस सिंथेटिक दूध को राजस्थान के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों उत्तर प्रदेश (UP) और मध्य प्रदेश (MP) के कई शहरों में भी बेच रहे थे। आगामी त्योहारों और शादियों के सीजन को देखते हुए बड़े पैमाने पर इसकी सप्लाई बढ़ाने की तैयारी थी।
स्किम्ड मिल्क पाउडर और पाम ऑयल का खेल
छापेमारी के दौरान जांच टीम ने पाया कि यह जानलेवा नकली दूध स्किम्ड मिल्क पाउडर और पाम ऑयल (Palm Oil) के खतरनाक मिश्रण से तैयार किया जा रहा था। पुलिस ने मौके से 4,000 लीटर तैयार नकली दूध बरामद कर उसे नष्ट करवाया है। इसके अलावा नामी ब्रांड्स (जैसे अमूल) के नकली रैपर्स और घी के डिब्बे भी मिलने की आशंका जताई जा रही है, जिनकी जांच स्वास्थ्य विभाग (CMHO) की टीम कर रही है।
तीन आरोपी गिरफ्तार, मुख्य सरगना भगीरथ गुर्जर फरार
पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके से तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनसे कड़ी पूछताछ की जा रही है। हालांकि, इस पूरे काले कारोबार का मुख्य सरगना भगीरथ गुर्जर पुलिस को चकमा देकर मौके से फरार होने में कामयाब रहा। पुलिस की विशेष टीमें फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने मौके से दूध और अन्य केमिकल के सैंपल लेकर लैब टेस्ट के लिए भेज दिए हैं। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि दो साल से चल रही इस फैक्ट्री को किसका संरक्षण प्राप्त था।


