Wednesday, September 23, 2026

TOP NEWS

जयंती धाम स्थित उंडवा...

धार जिले के सरदारपुर में प्रसिद्ध तीर्थ जयंती धाम स्थित उंडवा नदी में नहाने गए चिराखान निवासी युवक दुर्गेश पाटीदार की डूबने से दर्दनाक मौत। पुलिस जांच में जुटी।

Jabalpur News: जबलपुर में...

Jabalpur News: जबलपुर में गोल्ड लोन की किश्त वसूलने पहुंचे यूनियन बैंक के मैनेजर मनीष संज्ञा पर हमला। कर्जदार ने मुक्का मारकर तोड़ी नाक, ₹16,000 लूटे। पूरी खबर पढ़ें।

भोपाल में फूड सेफ्टी...

भोपाल में खाद्य सुरक्षा विभाग ने ब्लिंकिट (Blinkit) स्टोर पर छापा मारकर भारी मात्रा में एक्सपायर्ड बेबी फूड जब्त किया है। सैंपल जांच के लिए लैब भेजे गए हैं। पूरी खबर यहाँ पढ़ें।

UAE में भारतीय नागरिक...

UAE में भारतीय नागरिक की बेरहमी से हत्या, शव के 9 टुकड़े किए गए। वारदात के बाद से मृतक की पत्नी रहस्यमयी तरीके से गायब, गहराया सस्पेंस। पढ़ें पूरी खबर।
Homeबिजनेसफिच ने बढ़ाया भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान: पहली तिमाही की...

फिच ने बढ़ाया भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान: पहली तिमाही की 7.8% रफ्तार बनी वजह; अक्टूबर में लोन की EMI बढ़ा सकता है RBI

नई दिल्ली / इंदौर:
वैश्विक रेटिंग एजेंसी फिच रेटिंग्स (Fitch Ratings) ने वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) के लिए भारत की जीडीपी (GDP) ग्रोथ का अनुमान 6.4% से बढ़ाकर 6.9% कर दिया है। रेटिंग एजेंसी ने इसके पीछे मुख्य वजह चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में उम्मीद से बेहतर 7.8% की शानदार ग्रोथ और भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती को बताया है।

इसके साथ ही, फिच ने चेतावनी दी है कि बढ़ती हुई खुदरा महंगाई (Retail Inflation) को काबू में करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) आगामी अक्टूबर की मौद्रिक नीति बैठक में ब्याज दरों (Repo Rate) में 0.25% (25 बेसिस पॉइंट्स) की बढ़ोतरी कर सकता है।

मुख्य बातें (Key Highlights)

  • 50 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी: फिच ने भारत की विकास दर के अनुमान को सीधे 0.50% (6.4% से 6.9%) अपग्रेड किया है।
  • पहली तिमाही का दम: अप्रैल-जून तिमाही में वास्तविक जीडीपी ग्रोथ 7.8% रही, जिसने आर्थिक सुस्ती की सभी आशंकाओं को खारिज कर दिया।
  • वैश्विक झटकों के बीच मजबूती: वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव के कारण बढ़ी ऊर्जा कीमतों के बावजूद भारतीय बाजार में मजबूत घरेलू मांग देखी जा रही है।
  • लोन होंगे महंगे: यदि RBI अक्टूबर में ब्याज दरें बढ़ाता है, तो होम, कार और पर्सनल लोन की EMI बढ़ जाएगी

क्यों बढ़ा जीडीपी का अनुमान?

फिच रेटिंग्स के मुताबिक, दुनिया भर में चल रही भू-राजनीतिक उथल-पुथल (Geopolitical Tensions) और कमोडिटी की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बाद भी भारत का घरेलू निवेश और प्राइवेट कंजम्पशन (निजी खपत) बेहद मजबूत है। पहली तिमाही में मैन्युфакक्चरिंग और कंस्ट्रक्शन सेक्टर के बेहतर प्रदर्शन की वजह से पूरी अर्थव्यवस्था को गति मिली है। हालांकि, फिच का मानना है कि बची हुई तिमाहियों में यह रफ्तार थोड़ी सामान्य (Moderate) हो सकती है।

आम जनता पर क्या पड़ेगा असर?

  1. लोन लेने वालों को झटका: रेपो रेट बढ़ने की संभावना है, जिसके बाद सभी सरकारी और प्राइवेट बैंकों के लोन महंगे हो जाएंगे और ग्राहकों की जेब पर मासिक किस्त (EMI) का बोझ बढ़ेगा।
  2. फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पर मुनाफा: ब्याज दरें बढ़ने से बैंकों में पैसा जमा करने वाले वरिष्ठ नागरिकों और आम निवेशकों को अपनी FD पर पहले से ज्यादा ब्याज दरें मिलेंगी।
  3. रोजगार के नए अवसर: जीडीपी अनुमान में बढ़ोतरी देश के मजबूत आर्थिक स्वास्थ्य को दर्शाती है, जिससे नए बिजनेस निवेश (Private Capital) को बढ़ावा मिलेगा और बाजार में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

अन्य रेटिंग एजेंसियों का अनुमान

फिच के अलावा अन्य वैश्विक एजेंसियों ने भी भारत पर भरोसा जताया है:

  • S&P ग्लोबल रेटिंग्स: भारत की ग्रोथ 7% रहने का अनुमान जताया है।
  • मूडीज रेटिंग्स (Moody’s): चालू वित्त वर्ष के लिए 7% की विकास दर का अनुमान दिया है।

(आर्थिक जगत और बिजनेस से जुड़ी पल-पल की लाइव अपडेट्स के लिए पढ़ते रहिए Ntvtime)

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments