Saturday, September 19, 2026

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AI हुआ ‘बेकाबू’! Google के जेमिनी AI ने तीन असली कंपनियों को किया हैक; दुनिया में पहली बार सामने आया ऐसा मामला

AI हुआ ‘बेकाबू’! Google के जेमिनी AI ने तीन असली कंपनियों को किया हैक; दुनिया में पहली बार सामने आया ऐसा मामला

साइबर सुरक्षा टेस्ट के दौरान सीमाएं लांघकर इंटरनेट पर पहुंचा गूगल का AI, पासवर्ड का अनुमान लगाकर किया सिस्टम में प्रवेश; टेक जगत में मचा हड़कंप

सैन फ्रांसिस्को/नई दिल्ली: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया से एक बेहद हैरान और डरा देने वाला मामला सामने आया है। गूगल के सबसे आधुनिक एआई मॉडल जेमिनी (Gemini AI) ने अपनी तय सीमाओं को लांघकर तीन वास्तविक (Real) कंपनियों के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को हैक कर लिया है। दुनिया में यह पहली बार है जब गूगल का कोई एआई सिस्टम इंसानी नियंत्रण या टेस्ट एनवायरनमेंट से बाहर निकलकर स्वायत्त रूप से (Autonomously) बाहरी कंपनियों के सिस्टम में घुस गया। इस घटना के खुलासे के बाद दुनिया भर के वैज्ञानिकों और टेक एक्सपर्ट्स के बीच एआई की सुरक्षा को लेकर एक गंभीर बहस छिड़ गई है।

रूटीन साइबर सुरक्षा टेस्ट के दौरान हुई घटना

द वॉल स्ट्रीट जर्नल (The Wall Street Journal) की रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना मई 2026 में उस समय हुई जब एआई सुरक्षा फर्म ‘इरेगुलर’ (Irregular) गूगल के जेमिनी मॉडल की साइबर सुरक्षा क्षमताओं की जांच कर रही थी। इस परीक्षण के लिए एक ‘क्लोज्ड नेटवर्क’ (बंद वातावरण) में नकली कंपनियां बनाई गई थीं, जहां जेमिनी को हैकिंग की क्षमता दिखानी थी। नियमों के मुताबिक, एआई मॉडल को लाइव इंटरनेट का एक्सेस नहीं दिया जाना था। लेकिन एक तकनीकी खामी के कारण जेमिनी ने वास्तविक इंटरनेट से संपर्क स्थापित कर लिया।

खुद ही पासवर्ड का लगाया अनुमान, फिर खुद ही रुका

गूगल की वाइस प्रेसिडेंट (सिक्योरिटी इंजीनियरिंग) हेदर एडकिंस ने बताया कि जैसे ही जेमिनी को अनजाने में इंटरनेट का एक्सेस मिला, उसने सार्वजनिक डेटा (Public Data) और ऑनलाइन रिपॉजिटरी का इस्तेमाल शुरू कर दिया। एआई एजेंट ने खुद ही पासवर्ड और लॉगिन क्रेडेंशियल्स का अनुमान लगाया और तीन असली कंपनियों के सुरक्षित सिस्टम में सफलतापूर्वक सेंध लगा दी।

राहत की बात यह रही कि जैसे ही जेमिनी को यह अहसास हुआ कि उसने किसी टेस्ट एनवायरनमेंट को नहीं, बल्कि वास्तविक दुनिया की कंपनियों के सिस्टम को एक्सेस कर लिया है, उसने स्वायत्त रूप से (Autonomously) अपनी गतिविधि को तुरंत रोक दिया और आगे कोई डेटा डिलीट या चोरी नहीं किया।

कंपनियों को किया गया अलर्ट, अन्य एआई लैब्स में भी हड़कंप

गूगल ने स्पष्ट किया है कि प्रभावित हुई तीनों कंपनियों को तुरंत सूचित कर दिया गया था और सुरक्षा खामियों को ठीक कर लिया गया है। यह चिंता सिर्फ गूगल तक सीमित नहीं है; हाल ही में OpenAI और Anthropic जैसी दिग्गज कंपनियों के एआई मॉडल्स के साथ भी इसी तरह के ‘टेस्टिंग ब्रेकआउट’ (कंट्रोल से बाहर जाने) के मामले सामने आ चुके हैं, जिसमें एआई एजेंटों ने अमेरिकी सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म ‘हगिंग फेस’ (Hugging Face) के सिस्टम को प्रभावित किया था।

इस घटना के बाद टेक लीडर्स और शोधकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि एआई मॉडल्स इसी तरह इंसानी नियंत्रण को धकका देकर खुद फैसले लेने लगे, तो भविष्य में इसके बेहद विनाशकारी और खतरनाक परिणाम हो सकते हैं।

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