ग्रेटर नोएडा: उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा से एक बेहद ही दिल दहला देने वाली और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। यहाँ के दनकौर कोतवाली क्षेत्र के नगला श्रीगोपाल गांव में एक ही परिवार के 5 लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। मृतकों में पति-पत्नी और उनके तीन मासूम बच्चे शामिल हैं। इस सामूहिक मौत की खबर मिलते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और गांव में मातम पसरा हुआ है।
रात को खाई थी मैगी, सुबह बिस्तर पर मिलीं लाशें
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, नगला श्रीगोपाल गांव के रहने वाले महेश (36 वर्ष), उनकी पत्नी ललिता (32 वर्ष) और उनके तीन बच्चे—लड्डू (8 वर्ष), मिस्टी (6 वर्ष) और साक्षात (3 वर्ष) शुक्रवार की रात को अपने घर में मौजूद थे। बताया जा रहा है कि परिवार ने रात के खाने में मैगी बनाई थी, जिसे सभी ने मिलकर खाया और उसके बाद सोने चले गए।
शनिवार की सुबह जब काफी देर तक घर का कोई सदस्य बाहर नहीं निकला और न ही कोई हलचल हुई, तो पड़ोसियों को शक हुआ। पड़ोसियों ने जब घर के भीतर जाकर देखा तो उनके होश उड़ गए। परिवार के पांचों सदस्य अपने-अपने बिस्तर पर अचेत और मृत अवस्था में पड़े हुए थे।
पुलिस, फोरेंसिक और खाद्य सुरक्षा विभाग मौके पर मुस्तफा
घटना की सूचना मिलते ही दनकौर पुलिस के आला अधिकारी, भारी पुलिस बल, फोरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम और खाद्य सुरक्षा विभाग (Food Safety Department) तुरंत मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं। वहीं, खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने घर की रसोई से मैगी के सैंपल, बचे हुए खाने के बर्तन और पानी को अपने कब्जे में लेकर जांच के लिए लैब भेज दिया है।
पुलिस ने पांचों शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
फूड पॉइजनिंग या कोई और साजिश? जांच जारी
अधिकारियों का कहना है कि मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगी। पुलिस इस मामले में दोनों एंगल से जांच कर रही है—पहला कि क्या यह मामला खाने में किसी जहरीले तत्व के मिल जाने (फूड पॉइजनिंग) का है, या फिर इसके पीछे कोई बड़ी आपराधिक साजिश या सामूहिक आत्महत्या जैसा कोई अन्य कारण है। पुलिस परिवार के अन्य रिश्तेदारों और पड़ोसियों से भी पूछताछ कर रही है ताकि घटना से जुड़े हर पहलू को समझा जा सके।


