इंदौर में बड़ा हादसा: पाटनीपुरा में युवक पर गिरा भारी-भरकम होर्डिंग, सिर और कंधे में आई गंभीर चोटें; अवैध पोस्टरों के खिलाफ 8 दिन से अनशन पर बैठे दंपती की तबीयत बिगड़ी
इंदौर। स्वच्छता के सातवें आसमान पर रहने वाले शहर इंदौर के पाटनीपुरा मुख्य मार्ग पर बुधवार को एक भीषण हादसा हो गया. गणेश उत्सव के सिलसिले में लगाया गया एक विशाल और भारी-भरकम होर्डिंग अचानक सड़क से गुजर रहे एक युवक पर जा गिरा. इस दुर्घटना में युवक के सिर और कंधे पर गंभीर चोटें आई हैं. मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने मुस्तैदी दिखाते हुए युवक को मलबे से बाहर निकाला और तुरंत इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया.
कमिश्नर-कलेक्टर से शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं
इस हादसे ने एक बार फिर इंदौर नगर निगम (IMC) और जिला प्रशासन की लापरवाही को उजागर कर दिया है. शहर के कई चौराहों और मुख्य सड़कों को रसूखदार नेताओं और विज्ञापनों के अवैध होर्डिंग्स से पाट दिया गया है. स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि इस संबंध में नगर निगम कमिश्नर, महापौर और कलेक्टर से लिखित शिकायतें की गई थीं. हाईकोर्ट के भी स्पष्ट निर्देश हैं कि शिकायत मिलने के 24 घंटे के भीतर अवैध बैनर हटाए जाएं. इसके बावजूद प्रशासनिक अधिकारियों ने आंखें मूंद रखी हैं और आज तक इन खतरनाक होर्डिंग्स को नहीं हटाया गया.
रीगल तिराहे पर 8 दिन से अनशन पर बैठा है पांडे दंपती
चौंकाने वाली बात यह है कि शहर को इन जानलेवा अवैध पोस्टरों और बैनरों से मुक्त कराने के लिए आरटीआई कार्यकर्ता व समाजसेवी प्रहलाद पांडे और उनकी पत्नी संगीता पांडे पिछले 8 दिनों से रीगल तिराहा स्थित गांधी प्रतिमा के नीचे अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल (अनशन) पर बैठे हैं.
इस बीच, बुधवार शाम को लगातार उपवास के कारण प्रहलाद पांडे का ब्लड शुगर और बीपी तेजी से गिर गया और उन्हें सीने में दर्द की शिकायत के बाद सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा.
पीड़ित दंपती का बड़ा बयान: ‘होर्डिंग नहीं हटे तो इलाज नहीं कराऊंगा’
अस्पताल के बेड से प्रहलाद पांडे ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा, “जिस पाटनीपुरा के होर्डिंग गिरने से आज युवक घायल हुआ है, उसकी शिकायत हमने पहले ही प्रशासन से की थी। नगर निगम गरीबों के ठेले हटाने में तो फुर्ती दिखाता है, लेकिन रसूखदारों के अवैध होर्डिंग पर कोई कार्रवाई नहीं होती। जब तक पूरे शहर से ये अवैध बैनर नहीं हटते, मैं इलाज नहीं कराऊंगा।”
वहीं नगर निगम गेट के बाहर धरने पर बैठीं उनकी पत्नी संगीता पांडे ने सीधे तौर पर प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि उनके पति की सेहत को कुछ भी होता है, तो इसके जिम्मेदार महापौर, निगम कमिश्नर और कलेक्टर होंगे. उन्होंने साफ कर दिया है कि उन्हें सिर्फ कागजी आश्वासन नहीं, बल्कि जमीन पर ठोस कार्रवाई चाहिए, वरना यह जल-अनशन जारी रहेगा.
इस हादसे के बाद इंदौर की जनता में भी भारी गुस्सा है और लोग सोशल मीडिया पर पांडे दंपती के समर्थन में उतर आए हैं.


