Wednesday, September 23, 2026

TOP NEWS

गणेश विसर्जन और आगामी...

गणेश विसर्जन और आगामी त्योहारों को लेकर गंजबासौदा में पुलिस का कड़ा पहराएएसपी...

इंदौर में बड़ा हादसा:...

इंदौर के पाटनीपुरा में अवैध होर्डिंग गिरने से राहगीर घायल। इसके विरोध में 8 दिन से अनशन पर बैठे समाजसेवी प्रहलाद पांडे की हालत बिगड़ी, अस्पताल में भर्ती।

बेंगलुरु CEO का बड़ा...

बेंगलुरु के स्टार्टअप CEO कार्तिक एसजी ने UP, बिहार, राजस्थान और MP के पुरुषों को नौकरी न देने का ऐलान किया। सुरक्षा के नाम पर लगे इस बैन से मचा बवाल।

छोटे व्यापारियों के लिए...

RBI के TReDS प्लेटफॉर्म पर सरकार की बड़ी गारंटी! अब छोटे व्यापारियों (MSMEs) को उधारी के बिलों का भुगतान 24 से 48 घंटे में सीधे बैंक से मिलेगा। जानिए कैसे काम करता है यह नया सिस्टम।
Homeमध्य प्रदेशMP में बढ़े 1 लाख से ज्यादा Electric Vehicle, जानिए क्यों आ...

MP में बढ़े 1 लाख से ज्यादा Electric Vehicle, जानिए क्यों आ रहा है यह बड़ा बदलाव

भोपाल:
मध्य प्रदेश में पर्यावरण-अनुकूल और किफायती परिवहन को लेकर जनता के बीच जबरदस्त रुझान देखने को मिल रहा है। राज्य ने ई-व्हीकल अपनाने के मामले में देश भर में एक बहुत बड़ी छलांग लगाई है। परिवहन विभाग से प्राप्त नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश में मात्र 7 महीनों के भीतर 1 लाख से अधिक नए इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) का रजिस्ट्रेशन हुआ है। इस रफ्तार के साथ ही राज्य अब देश के टॉप इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इंडेक्स में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

कुल वाहनों में 10% हिस्सेदारी ई-व्हीकल्स की

राज्य के ऑटोमोबाइल सेक्टर में यह बदलाव ऐतिहासिक माना जा रहा है। वर्तमान में मध्य प्रदेश में खरीदे जा रहे कुल नए वाहनों में से लगभग 10 फीसदी हिस्सेदारी अकेले इलेक्ट्रिक वाहनों की हो चुकी है। प्रदूषण कम करने और पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के विकल्प के रूप में लोग अब तेजी से बैटरी से चलने वाले वाहनों पर भरोसा जता रहे हैं।

तीन पहिया और चार पहिया श्रेणी में बंपर ग्रोथ

ई-व्हीकल सेगमेंट में केवल टू-व्हीलर्स (स्कूटर/मोटरसाइकिल) ही नहीं, बल्कि व्यावसायिक और पर्सनल उपयोग में आने वाले अन्य वाहनों में भी बड़ी वृद्धि देखी गई है:

  • तीन पहिया वाहन: प्रदेश में थ्री-व्हीलर ई-व्हीकल्स की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो पब्लिक ट्रांसपोर्ट में बड़ा बदलाव ला रही है।
  • चार पहिया वाहन: इलेक्ट्रिक कारों और कमर्शियल फोर-व्हीलर्स की संख्या भी पहले के मुकाबले काफी तेजी से बढ़ रही है।

क्यों आ रहा है यह बड़ा बदलाव?

  • सरकारी प्रोत्साहन और नीतियां: मध्य प्रदेश सरकार की प्रभावी ईवी नीति के तहत चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास और ग्राहकों को मिल रही राहतों ने इस सेक्टर को रफ्तार दी है।
  • लागत में भारी कमी: पेट्रोल-डीजल की तुलना में इलेक्ट्रिक वाहनों को चलाने का प्रति किलोमीटर खर्च बेहद कम आता है, जिससे मध्यम वर्ग और व्यावसायिक चालकों की बड़ी बचत हो रही है।
  • मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर: राज्य के प्रमुख शहरों जैसे इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर में चार्जिंग स्टेशनों का नेटवर्क लगातार मजबूत किया जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वाहनों के रजिस्ट्रेशन की यही रफ्तार बनी रही, तो आने वाले समय में मध्य प्रदेश देश के प्रमुख ईवी हब राज्यों में अपनी जगह पक्की कर लेगा।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments