रवि बड़जात्या
सावधान! फर्जी दिवाली ऑफर से आपको कंगाल कर सकते हैं साइबर ठग, इंदौर पुलिस ने जारी की सख्त एडवाइजरी
इंदौर (क्राइम रिपोर्टर): दीपावली के त्योहारी सीजन में जहाँ हर तरफ खुशियों का माहौल है और बाजारों में रौनक है, वहीं साइबर अपराधी भी सक्रिय हो गए हैं। त्योहारों के दौरान ऑनलाइन शॉपिंग और डिस्काउंट के बढ़ते क्रेज का फायदा उठाकर ठग मासूम नागरिकों को निशाना बना रहे हैं। इसे देखते हुए पुलिस कमिश्नरेट इंदौर ने एक विशेष साइबर सुरक्षा एडवाइजरी जारी कर जनता को अलर्ट किया है।
इंदौर पुलिस ने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर जागरूकता पोस्टर जारी करते हुए नागरिकों से अपील की है कि वे भारी डिस्काउंट के लालच में आकर किसी भी अनजान या अनधिकृत वेबसाइट पर भुगतान करने से बचें।
कैसे जाल बिछाते हैं साइबर अपराधी?
त्योहारी सीजन में लोगों को लुभाने के लिए व्हाट्सएप (WhatsApp), एसएमएस (SMS) और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर “Festive Sale – 70% to 90% Off” या “दिवाली बंपर लॉटरी/गिफ्ट” जैसे आकर्षक संदेश भेजे जा रहे हैं। इन संदेशों के साथ एक संदिग्ध लिंक (Link) जुड़ा होता है।
जैसे ही कोई यूजर उस लिंक पर क्लिक करता है, वह एक क्लोन या फर्जी वेबसाइट पर पहुँच जाता है, जो हूबहू किसी नामी ई-कॉमर्स कंपनी जैसी दिखती है। वहाँ भुगतान करते ही यूजर की बैंकिंग डिटेल्स चोरी हो जाती हैं और खाते से मोटी रकम साफ कर दी जाती है।
इंदौर पुलिस की गाइडलाइंस: सुरक्षित ऑनलाइन शॉपिंग के लिए इन 5 बातों का रखें ध्यान
- अनजान लिंक्स पर क्लिक न करें: किसी भी अज्ञात नंबर से आए ‘फेस्टिव ऑफर’ या ‘कैशबैक’ के लिंक पर क्लिक करने से बचें।
- वेबसाइट का URL जरूर चेक करें: शॉपिंग करते समय हमेशा आधिकारिक ऐप या प्रामाणिक वेबसाइट का ही उपयोग करें। फर्जी वेबसाइटों के URL में स्पेलिंग की गलतियाँ होती हैं (जैसे flipkart की जगह fl1pkart)।
- गोपनीय बैंकिंग डेटा रखें सुरक्षित: अपना क्रेडिट/डेबिट कार्ड नंबर, सीवीवी (CVV), यूपीआई पिन (UPI PIN) या ओटीपी (OTP) किसी के साथ भी साझा न करें। कोई भी बैंक या प्रतिष्ठित कंपनी फोन पर ये जानकारियां नहीं मांगती।
- अनधिकृत ऐप्स (APK Files) से दूरी बनाएं: किसी ऑफर को क्लेम करने के बहाने अगर कोई ऐप डाउनलोड करने को कहा जाए, तो उसे तुरंत ब्लॉक करें। ये ऐप्स आपके फोन का पूरा एक्सेस हैकर्स को दे सकते हैं।
- कैश ऑन डिलीवरी (COD) को प्राथमिकता दें: यदि आप किसी नई या कम जानी-मानी वेबसाइट से सामान खरीद रहे हैं, तो हमेशा ‘कैश ऑन डिलीवरी’ का विकल्प चुनें ताकि आपके साथ वित्तीय धोखाधड़ी न हो।
धोखाधड़ी होने पर क्या करें?
इंदौर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई नागरिक ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी या साइबर क्राइम का शिकार हो जाता है, तो घबराने की बजाय तुरंत एक्शन लें:
- बिना समय गंवाए तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। (घटना के शुरुआती घंटों में शिकायत करने पर पैसे होल्ड होने की संभावना अधिक होती है)।
- गृह मंत्रालय के आधिकारिक साइबर क्राइम पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर जाकर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराएं।
- अपने संबंधित बैंक को सूचित कर तुरंत अपने कार्ड और खाते को ब्लॉक करवाएं।
इंदौर पुलिस का संदेश:“सतर्क रहें, सुरक्षित रहें और अपनी दिवाली को साइबर अपराधियों से बचाकर खुशहाल बनाएं!”


