Wednesday, October 14, 2026

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दिल्ली की अदालत ने जंतर-मंतर पर अनधिकृत प्रदर्शन और शांति बॉन्ड के उल्लंघन मामले में CJP नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को 5 दिनों की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया है। पूरी खबर पढ़ें।
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इंदौर रिश्ते शर्मसार: 4 बेटों ने हड़पा बुजुर्ग मां का फ्लैट, मौत के 3 दिन बाद समाजसेवियों ने किया अंतिम संस्कार

आशीष जावड़ेकर

इंदौर: मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के सिलिकॉन सिटी क्षेत्र से पारिवारिक रिश्तों को तार-तार कर देने वाली एक ऐसी दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। यहाँ एक बुजुर्ग मां की मौत हो जाने के 3 दिन बीत जाने के बाद भी उनके चार सगे बेटे अंतिम संस्कार के लिए अस्पताल नहीं पहुंचे। जिस मां ने अपने गहने बेचकर बेटों के लिए आशियाना बनाया था, उन्हीं बेटों ने न सिर्फ वो फ्लैट हड़प लिया बल्कि मौत के बाद मुखाग्नि देने से भी साफ इनकार कर दिया।

मिली जानकारी के अनुसार, पीड़िता लता बाई ने बड़े अरमानों से अपनी जिंदगी भर की जमा-पूंजी और गहने-जेवर बेचकर सिलिकॉन सिटी की गणेश रेसिडेंसी में एक फ्लैट खरीदा था। लेकिन कलयुगी बेटों की नजर उस प्रॉपर्टी पर टिक गई। आरोप है कि चारों बेटों ने चालबाजी और कागजी हेरफेर से उस फ्लैट को अपने नाम करवा लिया। प्रॉपर्टी हाथ में आते ही बेटों का रंग बदल गया और उन्होंने अपनी बुजुर्ग मां को घर से धक्के मारकर निकाल दिया।

घर से बेघर होने के बाद लाचार लता बाई सड़क पर रहने को मजबूर थीं। उनकी इस हालत को देखकर ‘प्रीयु फाउंडेशन’ के अजय नागदा ने उन्हें ‘जानकी वृद्धाश्रम’ में आश्रय दिलाया था, जहां पिछले कुछ समय से उनका ख्याल रखा जा रहा था। अस्पताल में इलाज के दौरान लता बाई का निधन हो गया। ब्रह्मकुमारी ज्योति दीदी और आश्रम प्रबंधन के जरिए चारों बेटों को मां की मौत की सूचना दी गई। लेकिन तीन दिनों तक लगातार मिन्नतें करने के बाद भी चारों बेटों का दिल नहीं पसीजा और वे अंतिम संस्कार के लिए आगे नहीं आए।

अंततः, समाज की इस कड़वी हकीकत के बीच ‘जानकी वृद्धाश्रम’ और ‘प्रीयु फाउंडेशन’ के सदस्यों ने आगे बढ़कर बेटे का फर्ज निभाया। उन्होंने इंदौर के रीजनल पार्क मुक्तिधाम में पूरे हिंदू रीति-रिवाज के साथ बुजुर्ग लता बाई का अंतिम संस्कार किया।

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