कानपुर मर्डर मिस्ट्री: ४० लाख का कर्ज और आईपीएल सट्टे की लत ने बेटे को बनाया कसाई; पिता की बेरहमी से हत्या कर निर्दोष पत्नी को फंसाया
कानपुर (कल्याणपुर): उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पारिवारिक रिश्तों और इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। कल्याणपुर इलाके के जाने-माने दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की बेरहमी से हुई हत्या का राजफाश करते हुए पुलिस ने उनके सगे बेटे सुब्रत मिनोचा को गिरफ्तार किया है। जिस बेटे को पिता बुढ़ापे की लाठी मानते थे, वही करोड़ों की जायदाद और अपनी अय्याशी के लिए उनका कातिल बन बैठा।
कानपुर पुलिस की तफ्तीश में जो कड़वी हकीकत सामने आई है, उसने हर किसी को हैरान कर दिया है। हत्या की इस खौफनाक साजिश के पीछे भारी-भरकम कर्ज, आईपीएल सट्टा और संपत्ति हड़पने का लालच मुख्य वजह बनकर सामने आया है।
पार्टी के बहाने रची गई मौत की साजिश
वारदात वाले दिन आरोपी सुब्रत मिनोचा अपनी पत्नी और बच्चों को लेकर एक किटी पार्टी में शामिल होने गया था, ताकि उस पर कोई शक न कर सके। पीछे से सूने फ्लैट में उसके द्वारा भेजे गए सुपारी किलर्स (शार्पशूटर) डुप्लीकेट चाबी की मदद से दाखिल हुए। हमलावरों ने अकेले पाकर ६० वर्षीय बुजुर्ग विनीत मिनोचा पर चाकू से ताबड़तोड़ कई वार किए और उनकी जीवनलीला समाप्त कर दी।
हत्या के पीछे की ३ मुख्य वजहें
पुलिस पूछताछ में आरोपी सुब्रत ने अपना जुर्म कबूल करते हुए हत्या की ये खौफनाक वजहें बताईं:
- आईपीएल सट्टा और कर्ज का जाल: आरोपी सुब्रत को आईपीएल मैचों में सट्टेबाजी और अय्याशी की गंभीर लत थी। इस वजह से उस पर ४० लाख रुपये से ज्यादा का कर्ज हो चुका था। उसकी हर महीने की बैंक ईएमआई ही लगभग ५५,000 रुपये आ रही थी, जबकि उसके पिता उसे दुकान से सिर्फ ४०,००० रुपये महीना देते थे।
- करोड़ों की संपत्ति खोने का डर: सुब्रत ने पुलिस के सामने दावा किया कि उसके पिता के कुछ महिलाओं के साथ कथित संबंध थे और वे उन पर लाखों रुपये खर्च कर रहे थे। सुब्रत को डर था कि अगर पिता ने अपनी करोड़ों की संपत्ति किसी और के नाम कर दी, तो वह पूरी तरह से कंगाल हो जाएगा।
- ६ लाख की सुपारी: संपत्ति पर पूरी तरह कब्जा जमाने और कर्जदारों से पीछा छुड़ाने के लिए सुब्रत ने अपनी ही दुकान के एक पूर्व कर्मचारी को ६ लाख रुपये की सुपारी देकर इस हत्याकांड को अंजाम दिलवाया।
पत्नी को फंसाने का शातिर प्लान हुआ फेल
इस हत्याकांड का सबसे हैरान करने वाला पहलू यह था कि शातिर बेटे ने अपनी ही निर्दोष पत्नी को इस केस में फंसाने की पूरी तैयारी कर रखी थी। उसने शूटरों को पहले ही समझा दिया था कि यदि वे पकड़े जाएं, तो उसकी पत्नी का नाम ले लें। शुरुआत में पुलिस ने शूटर के बयान पर गुमराह होकर बहू को हिरासत में ले लिया था।
डिजिटल सबूतों से खुली कलयुगी बेटे की पोल
पुलिस ने जब इस मामले की गहराई से जांच की और कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) के साथ-साथ वैज्ञानिक साक्ष्यों को खंगाला, तो सुब्रत का झूठ ताश के पत्तों की तरह ढह गया। वारदात से ठीक पहले इस्तेमाल किए गए नए सिम कार्ड्स और लोकेशन की कड़ियों को जब पुलिस ने जोड़ा, तो मुख्य साजिशकर्ता के रूप में बेटे का चेहरा साफ हो गया। पुलिस कस्टडी रिमांड में सख्ती से पूछताछ के बाद सुब्रत ने माना कि उसकी पत्नी बिल्कुल बेगुनाह है। पुलिस अब बहू को केस से बरी करने और कलयुगी बेटे को सख्त सजा दिलाने के लिए कानूनी कार्रवाई कर रही है।


