Sunday, October 25, 2026

TOP NEWS

Silver Price Crash: त्योहारी...

Silver Price Crash: त्योहारी सीजन के बीच चांदी के दामों में ऐतिहासिक गिरावट आई है। चार दिन में चांदी ₹16,500 से ज़्यादा टूटकर ₹2 लाख के स्तर से नीचे आ गई है। जानें इसके पीछे की बड़ी वजहें और आगे की संभावित स्थिति।

Bank Holidays in November:...

Bank Holidays in November: नवंबर महीने में 5 रविवार और 2 शनिवार समेत कुल 16 दिन बैंकों में कामकाज बंद रहेगा। अपने राज्य के अनुसार छुट्टियों की पूरी लिस्ट यहाँ देखें।

Panna Mascot Hospital: पन्ना...

Panna Mascot Hospital News: पन्ना के मैस्कॉट अस्पताल में अवैध गर्भपात का बड़ा खुलासा। भ्रूण को ट्यूमर बताकर ₹2000 में दफनाने के मामले में CMHO ने अस्पताल का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया है। पूरी खबर पढ़ें।

अरुणाचल प्रदेश में महा-बांध...

अरुणाचल प्रदेश में महा-बांध का हिंसक विरोध: NHPC ऑफिस और पुलिस थाना फूंकाअरुणाचल...
Homeमध्य प्रदेशमहेश्वर घाट पर मिले इंदौर के 343 वोटर कार्ड, मुख्य चुनाव आयुक्त...

महेश्वर घाट पर मिले इंदौर के 343 वोटर कार्ड, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर FIR के लिए कांग्रेस का बड़ा धरना

मध्य प्रदेश के महेश्वर (खरगोन) में नर्मदा नदी के घाट पर बड़ी संख्या में इंदौर के मतदाताओं के वोटर आईडी कार्ड (Voter ID Cards) लावारिस हालत में मिलने से हड़कंप मच गया है। इस घटना के बाद मध्य प्रदेश की सियासत पूरी तरह गरमा गई है। कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र की हत्या और देशव्यापी स्तर पर चल रहे कथित ‘वोट चोरी’ के आरोपों का एक बड़ा और खुला सबूत बताया है। इस मामले में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए इंदौर और खरगोन में बड़ा धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है।

घटना का मुख्य कारण और विवाद की शुरुआत
महेश्वर के प्रसिद्ध नर्मदा घाट पर अचानक स्थानीय लोगों और तीर्थयात्रियों को प्लास्टिक में लिपटे हुए भारी मात्रा में वोटर आईडी कार्ड तैरते और किनारे पर पड़े हुए मिले। जब इन्हें इकट्ठा करके देखा गया, तो ये कुल 343 असली वोटर आईडी कार्ड निकले। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि ये सभी कार्ड महेश्वर या खरगोन जिले के नहीं, बल्कि इंदौर के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के मतदाताओं के हैं। इतनी बड़ी संख्या में इंदौर के वोटरों के कार्ड्स का महेश्वर के घाट पर लावारिस मिलना कई बड़े सवाल खड़े कर रहा है।

कांग्रेस का आरोप और मुख्य चुनाव आयुक्त पर FIR की मांग
घटना की भनक लगते ही कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में सड़कों पर उतर आए। कांग्रेस नेताओं का सीधा आरोप है कि यह चुनाव में धांधली करने और वैध मतदाताओं को वोट डालने से रोकने की एक सोची-समझी साजिश है। नेताओं का कहना है कि इंदौर में मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से गायब करने और विपक्ष को नुकसान पहुंचाने के लिए इन असली कार्डों को जानबूझकर गायब कर महेश्वर में ठिकाने लगाया गया है।

इस ‘वोट चोरी’ के विरोध में कांग्रेसियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ FIR दर्ज कराने के लिए थाने के बाहर धरना दे दिया है। प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं ने ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका और नारेबाज़ी करते हुए उनके तुरंत इस्तीफे की मांग की। कांग्रेस का कहना है कि राष्ट्रीय स्तर पर राहुल गांधी और विपक्षी दल लगातार वोटर लिस्ट में हेरफेर का जो मुद्दा उठा रहे हैं, महेश्वर की यह घटना उसका जीता-जागता और सरेआम सबूत है।

प्रशासन और चुनाव आयोग का रुख
इस गंभीर मामले के सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन और जिला निर्वाचन अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए हैं। प्रारंभिक तौर पर अधिकारियों का कहना है कि यह कार्ड वहां कैसे पहुंचे, इसकी गहराई से जांच की जा रही है। वहीं, राष्ट्रीय स्तर पर चल रहे विवादों के बीच चुनाव आयोग पहले ही यह स्पष्ट कर चुका है कि आयोग पूरी निष्पक्षता से काम करता है और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की शिकायतों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाती है। हालांकि, महेश्वर के घाट पर मिले इन 343 कार्डों के रहस्य से पर्दा उठना अभी बाकी है।

कांग्रेस नेताओं के प्रमुख तीखे बयान

  • वोटिंग अधिकारों से खिलवाड़: कांग्रेस नेताओं ने कहा कि इंदौर के मतदाताओं के कार्ड महेश्वर के घाट पर फेंकना यह साबित करता है कि जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों के साथ बहुत बड़ा खिलवाड़ किया जा रहा है।
  • आर-पार की लड़ाई: नेताओं ने चेतावनी दी है कि भारतीय जनता पार्टी के इशारे पर चुनाव आयोग की मिलीभगत से यह ‘वोट चोरी’ का खेल खेला जा रहा है और जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर एफआईआर दर्ज नहीं होती, उनका यह आंदोलन खत्म नहीं होगा।
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments