पन्ना के मैस्कॉट अस्पताल में अवैध गर्भपात के एक बेहद चौंकाने वाले मामले का भंडाफोड़ हुआ है। अस्पताल प्रबंधन ने एक नवजात मानव भ्रूण को “ट्यूमर” बताकर अपने ही स्वीपर (सफाईकर्मी) को ₹2000 का लालच देकर दफनाने के लिए कहा था। सफाईकर्मी की सूझबूझ और सतर्कता के कारण इस पूरे काले कारनामे का पर्दाफाश हो गया। मामला सामने आते ही मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) ने कड़ी कार्रवाई करते हुए मैस्कॉट अस्पताल का रजिस्ट्रेशन तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है और अस्पताल को पूरी तरह सील करने के आदेश जारी कर दिए हैं।
₹2000 का लालच और ट्यूमर का झूठ
अस्पताल में नियमों को पूरी तरह ताक पर रखकर एक महिला का अवैध गर्भपात (Illegal Abortion) कराया गया था। इस कृत्य को छुपाने के लिए अस्पताल प्रबंधन ने वहां काम करने वाले स्वीपर को एक प्लास्टिक बैग सौंपा। प्रबंधन ने स्वीपर से झूठ बोला कि बैग में ऑपरेशन के दौरान निकाला गया एक “ट्यूमर” है। इसे चुपचाप कहीं दूर दफनाने के बदले उसे ₹2000 नगद देने की पेशकश भी की गई।
सफाईकर्मी की सतर्कता से खुला राज
बैग हाथ में लेते ही स्वीपर को कुछ अजीब लगा और उसे प्रबंधन की बातों पर शक हुआ। उसने जब एकांत में ले जाकर उस प्लास्टिक बैग को खोलकर देखा, तो उसके होश उड़ गए। बैग के अंदर ट्यूमर नहीं, बल्कि एक पूरी तरह विकसित मानव भ्रूण (Foetus) था। सफाईकर्मी ने बिना देर किए इस अमानवीय कृत्य की सूचना पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों को दी।
रजिस्ट्रेशन रद्द, जल्द सील होगा अस्पताल
स्वीपर के खुलासे के बाद स्वास्थ्य विभाग और पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर मामले की जांच की। प्राथमिक जांच में दोषी पाए जाने पर CMHO ने मैस्कॉट अस्पताल का लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन तुरंत रद्द कर दिया। CMHO ने सख्त लहजे में कहा है कि पुलिस बल की मौजूदगी में अस्पताल की बिल्डिंग को पूरी तरह सील (Seal) करने की कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस ने इस मामले में अवैध गर्भपात कराने, भ्रूण की हत्या करने और सबूत छुपाने जैसी गंभीर धाराओं के तहत अस्पताल प्रबंधन और संबंधित डॉक्टरों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस अस्पताल में पहले भी ऐसे कितने अवैध गर्भपात किए जा चुके हैं।


